यूपी के शाहनावाज ने पहले सीता से निकाह किया और फिर कर दी बेरहमी से हत्या

Smart News Team, Last updated: Sun, 15th Nov 2020, 5:36 PM IST
  • यूपी के कानपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है. जिसमें आरोपी ने पहले तो शादी कर कानपुर ले आया और फिर कुछ दिनों के बाद पत्नी की गला दबा हत्या कर दी.
जिला न्यायाधीश हत्या के मामले में आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया.(प्रतीकात्मक फोटो)

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर से लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है जहां शाहनवाज नाम के एक शख्स ने सीता उर्फ नेहा से पहले निकाह किया और उसके बाद उसकी ही बेरहमी से हत्या कर डाली. पुलिस ने पूछताछ में शक होने पर आरोपी पति को दबोच लिया जहां उसनें अपना जुर्म कबूल कर लिया. अब आरोपी के परिजनों ने जमानत याचिका दाखिल की जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी. 

जिला न्यायाधीश ने उदारता ना बरतने की बात कहकर लव जिहाद से जुड़े हत्या के मामले में आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. मामला नवाबगंज क्षेत्र का है जहां स्थानीय पुलिस को 2 जनवरी को एक शव मिला था. जिसके आधार पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या और सबूतों से खिलवाड़ की धाराओं को शामिल कर मुकदमा दर्ज किया था. इसके बाद पुलिस ने केस की पड़ताल शुरू की तो पाया कि शव आजमगढ़ निवासी नेहा उर्फ सीता का है. जिससे नवाबगंज का रहने वाला शहनवाज ने दूसरी शादी की. इसके बाद सीता को शहनवाज कानपुर ले आया.

इस बात की जानकारी होते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश करते के दौरान मिली जानकारी के तहत उसे हिरासत में ले लिया. आरोपी ने गिरफ्त में आकर हत्या की बात को स्वीकारा. साथ ही आरोपी ने नेहा के गहने, अंगूठी, मंगलसूत्र, नाक की कील और दो जोड़ी पायल को भी पुलिस को सौंपा. इस बात की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी कर दी है. जिसमें नेहा की मौत गला दबाने से हुई ऐसा पता चला है. दूसरी ओर शहनवाज के परिवार की ओर से जमान अर्जी भी दाखिल की. वहीं, पीड़ित परिवार ने कहा कि शहनवाज से उनकी बेटी की शादी हुई थी.

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मामले पर डीजीसी क्रिमिनल दिलीप कुमार अवस्थी ने बताया कि आरोपित के हत्या में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं. इसी क्रम में आरोपित ने ही मृतका के गहने भी बरामद कराए. साथ ही इस मामले में शहनवाज के साथ चार आरोपित मो. आमिर खान, हसीब उर्फ बाबर, अलीशान उर्फ आलीशान और सारिक उर्फ सोनू ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की हुई थी. जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया. वहीं, शहनवाज की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि इसपर उदारता नहीं बरती जा सकती है. न्यायाधीश ने कहा कि यदि इस तरह के अपराधों में उदारता बरती गई तो इससे पीड़ित पक्ष का विश्वास न्याय व्यवस्था से खत्म हो जाएगा.

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