कानपुर में शिमला और जम्मू से भी ज्यादा ठंड, पारा 04.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा

Uttam Kumar, Last updated: Tue, 21st Dec 2021, 12:49 PM IST
  • सोमवार की रात कानपुर का पारा गिरकर 04.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. जो अब तक सबसे कम है. बीती रात कानपुर में शिमला, जम्मू और कांगड़ा से भी अधिक ठंड पड़ी. मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर में ऐसी सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद ना के बराबर है.
ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते लोग. (फाइल फोटो)

कानपुर. शितलहर के कारण 20 दिसंबर यानि सोमवार की रात कानपुर का पारा 07 डिग्री से लुढ़कर 04.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इसके साथ ही सोमवार की रात कानपुर में अब तक सबसे सर्द रात रही. बीते रात कानपुर शिमला, जम्मू और कांगड़ा से भी ज्यादा सर्द हो गया. शितलहर के चलते अचानक से बढ़ी ठंड से पूरा शहर बेहाल हैं. मौसम विभाग के अनुसार इस महीने दिसंबर में ऐसी सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद ना के बराबर है. शहर में बढ़ी ठंड का असर स्कूलों में भी देखने को मिला. मंगलवार को बहुत कम संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे. 

दरअसल पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और सर्द हवाओं की मार झेल रहे उत्तर भारत का असर कानपुर समेत पूरे राज्य पर पड़ा. सोमवार की रात बहुत तेजी से पारा नीचे आ गया जो सामान्य से 03.2 डिग्री कम है. पिछले साल 2020 में इसी दिन न्यूनतम तापमान 04.6 डिग्री था. चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार फिलहाल शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा. तापमान में गिरावट का अनुमान पहले से था. उत्तर पश्चिमी हवाओं से सर्दी और बढ़ी है. 

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बीते रात कानपुर का न्यूनतम पारा शिमला के न्यूनतम 05.4, जम्मू 05.6 और कांगड़ा 05.0 से भी कम है.  सोमवार दिन में शहर का तापमान सामान्य से काफी कम 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो शिमला, जम्मू और कांगड़ा का अधिकतम पारा से कम था लेकिन इसके करीब था. अचानक बढ़ी ठंड के कारण ठिठुरन और गलन भरी इस सर्दी में लोगों को बचने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है. 

सर्द लहर का असर स्कूलों में भी देखने को मिला. ओमीक्रॉन के चलते पहले से ही कम संख्या में छात्र आ रहे थे लेकिन ठंड बढ़ जाने के कारण और भी कम छात्र स्कूल पहुंचे. नगर के कई पब्लिक स्कूल ऐसे हैं जो अभी सुबह 7:30 या 08 बजे से खुलते हैं। ऐसे में कई सामाजिक संगठन स्कूलों का समय बदले जाने की मांग कर रहे हैं. 

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