अल्पसंख्यक स्कीम में 59 करोड़ का घोटाला! FIR दर्ज होने से मचा हड़कंप

Smart News Team, Last updated: Fri, 23rd Oct 2020, 11:59 PM IST
  • उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त और विकास काॅरपोरेशन में 1986 से 2007 तक 59 करोड़ का घोटाला सामने आया. इस मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. जिसके बाद हड़कंप मच गया.
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त और विकास काॅरपोरेशन में 59 करोड़ का घोटाला सामने आया है.

कानपुर. उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक योजनाओं में करोड़ों के घोटाले में दो कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद से हड़कंप मच गया है. तंजीम हज खुद्दाम कमेटी ने इस घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की मांग की है. तंजीम के सदर ने कहा कि उन्होंने इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार की वजह से ही लोगों को नहीं मिल पाता है.

ये मामला उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त और विकास कारपोरेशन का है. जिसमें 1986 से 2007 तक 59 करोड़ का घोटाला सामने आया है. आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में कारपोरेशन से एक अधिकारी और एक कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी. कारपोरेशन की अनुमति मिल जाने के बाद हड़कंप मच गया है हालांकि 2007 में लखनऊ में इनके खिलाफ पहले एक एफआईआर दर्ज है.

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इस घोटाले को तंजीम हज खुद्दाम के सदर हाजी नईमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के सामाजिक उत्थान के लिए केन्द्र और राज्य सरकारें धनराशि आवंटित करती रही हैं. इस मामले की जांच 2007 ईओडब्ल्यू कर रही है. जिसमें 59 करोड़ रुपए का हिसाब-किताब अधिकारी नहीं दे सके. एफआईआर होने के बाद ये मामला और गंभीर हो गया है.

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तंजीम के सदर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. सरकारों के प्रयासों के बावजूद अल्पसंख्यकों को लाभ न मिल पाने के पीछे भ्रष्टाचार है. उन्होंने कहा कि काॅरपोरेशन से लोन पूरे कानपुर में दिए जाते रहे हैं लेकिन जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि वो लोन किसे मिला और किसे नहीं.

 

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