विकास दुबे के सरेंडर और एनकाउंटर में नया खुलासा, क्या छिपा रही उज्जैन पुलिस

Smart News Team, Last updated: 08/10/2020 10:55 AM IST
  • गिरफ्तारी के बाद कई तथ्य सामने आए जिसमें पूरी योजना बनाकर विकास दुबे को सार्वजनिक सरेंडर कराया, जिससे उसका एनकाउंटर ना किया जा सके. विकास दुबे के सरेंडर कराने में एमपी के बड़े नेता का नाम सामने आ रहा है. उज्जैन पुलिस पुलिस के सहयोग न करने और कानपुर पुलिस की तफ्तीश में खलल पैदा करने से उठ रहा है सवाल
विकास दुबे के सरेंडर और एनकाउंटर में नया खुलासा

कानपुर: कानपुर में हुए बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पुलिस द्वारा की जा रही छानबीन में कई नए खुलासे हो रहे हैं जिसमें उज्जैन पुलिस पर भी तफ्तीश में सहयोग न करने का आरोप लग रहा है. इसके अलावा मंदिर प्रशासन व मध्य प्रदेश के एक बड़े नेता का नाम भी सामने आ रहा है. खुलासे में यह बात सामने आई है कि विकास दुबे का सरेंडर पूरी योजना के तहत करवाया गया था.

यह सरेंडर सार्वजनिक रूप से कराया गया था जिससे कि उसका एनकाउंटर ना किया जा सके. उज्जैन पुलिस द्वारा बुलेट प्रूफ जैकेट पहना कर मीडिया के सामने खुलासा कर पूरी सुरक्षा के साथ विकास दुबे को भेजा गया था.

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बावजूद इसके उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकास दुबे का एनकाउंटर किया गया. पुलिस द्वारा तफ़्सीश में यह बातें सामने आई हैं. दरअसल उज्जैन के महाकाल मंदिर में विकास दुबे के सरेंडर करने में कई बातें संदिग्ध लग रही है जिसे वहां की पुलिस छिपा रही है.जांच में कानपुर पुलिस का सहयोग नहीं करने के चलते भी शक गहरा होता जा रहा है. मंदिर के जिस कर्मचारी ने बयान दर्ज कराया उस पर ही कार्रवाई कर दी गई. यह कार्रवाई उज्जैन के एसपी की संस्तुति पर महाकाल मंदिर प्रशासन द्वारा की गई है.

इस तरह कानपुर पुलिस उज्जैन पुलिस द्वारा किए जा रहे कार्रवाई पर भी संदेह जता रही है. यह पूरी कवायद एक सफेदपोश को बचाने के प्रयास में की जा रही है. मंदिर के जिस कर्मचारी ने सूचना दी थी उस पर ही कार्रवाई कर दी गई. इसी कर्मचारी ने भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को गिरफ्तार कराने में अहम जानकारियां दी थी.

विकास दुबे की गिरफ्तारी 9 जुलाई को उज्जैन महाकाल मंदिर से स्थानीय पुलिस ने की थी.

यूपी पुलिस व एसटीएफ की टीम विकास को लेकर कानपुर आ रही थी जहां रास्ते में गाडी पलटने के बाद पुलिस ने विकास दुबे का एनकाउंटर कर दिया.

बेवजह फंसाया जा रहा सूचना देने वाले कर्मचारी को

एनकाउंटर की जांच कर रहे गोविंद नगर इंस्पेक्टर अनुराग मिश्र ने बताया कि जांच के सिलसिले में 24 सितंबर को कानपुर पुलिस उज्जैन पहुंची थी. पुलिस ने महाकाल मंदिर के कर्मचारी गोपाल कुशवाहा से पूछताछ की. जहां गोपाल ने बताया कि विकास ने आकर उससे पूछा कि बैग और चप्पल कहां रखें.इसके बाद बैग व चप्पल रखकर उसे पकड़ा दिया. कुछ देर बाद मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया. पुलिस ने फूल बेचने वाले सुरेश कुमार से भी पूछताछ की.

इसके बाद टीम वापस लौट आइ. जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अनुराग ने बताया कि गोपाल से पूछताछ की गई है. जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अनुराग ने बताया कि उज्जैन पुलिस व मंदिर प्रशासन द्वारा गोपाल को बेवजह फंसाया जा रहा है. गोपाल की भूमिका संदिग्ध बताते हुए उसे मंदिर प्रशासन द्वारा नोटिस भी जारी कर दिया गया है. जांच में कहीं भी गोपाल की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई है.

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