Kanpur : जीका वायरस के 9 संदिग्ध मिले, विशेषज्ञों की टीम ने जांच के लिए लखनऊ भेजा सैंपल

Indrajeet kumar, Last updated: Thu, 28th Oct 2021, 2:23 PM IST
  • भारतीय सेना के एक एयरफोर्स कर्मी में जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है. जांच के दौरान जीका वायरस के संदिग्ध लक्षण वाले 9 व्यक्तियों की पहचान की गई है. ये सभी संदिग्ध पोखरपुरवा और पर्देवनपुरवा के रहने वाले हैं जो कि हाल में ही विदेश यात्रा से लौटे हैं.
प्रतीकात्मक फोटो

कानपुर. भारतीय सेना के एक एयरफोर्स कर्मी में जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम कानपुर पहुंचकर लगातार सघन जांच पड़ताल में जुट गई है. जांच के दौरान विशेषज्ञों की टीमों ने जीका वायरस के संदिग्ध लक्षण वाले 9 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है. विशेषज्ञों की टीम ने इन सभी संदिग्ध लक्षण वाले 9 व्यक्तियों की जांच सैंपल को जांच के लिए लखनऊ भेज दिया है. ये सभी संदिग्ध पोखरपुरवा और पर्देवनपुरवा के रहने वाले हैं जो कि हाल में ही विदेश यात्रा से लौटे हैं. इसके अलावा विशेषज्ञों की टीम 16 गर्भवती महिलाओं की भी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है. इस केंद्रीय जांच टीम के अलावा के अलावा डब्लूएचओ की टीम भी जीका वायरस के जांच में जुट गई है.

इधर जीका वायरस संक्रमण की खबर मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है. विशेषज्ञों की टीम ने यूपी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक प्लान तैयार किया है. इस प्लान के तहत जीका वायरस से संक्रमित पेशेंट के घर को सेंटर मानकर तीन किलोमीटर के दायरे में आन वाले घरों में सर्वे किया जाएग. इसके तहत लगभग 55 हजार घरों का सर्वे कराया जाएगा. इस सर्वे में स्वास्थ्य विभाग ने 70 टीमों को लगाया गया है. विशेषज्ञों की टीम जीका वायरस की पड़ताल करते समय लोगों के टै्रवल हिस्ट्री को भी गौर करेगी. टीम ने 9 संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल इसी सर्वे के तहत लखनऊ भेजा है.

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जाजमऊ पोखरपुर में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी में जीका वायरस की पुष्टि होने के बाद एयरफोर्स कर्मी के सपंर्क में आने वाले सभी 31 लोगों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ के लिए भेज गया था लेकिन इन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. जिसके बाद टीम ने पिछले 15 दिनों में बुखार से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की हिस्ट्री हैलेट अस्पताल से मांगी है. साथ ही टीम ने ये जानकारी मांगी है कि कितने ऐसे बच्चे पैदा हुए हैं जो न्यूरो की माइक्रोसेपली समस्या से पीड़ित हैं. इसके साथ ऐसे लोगों की जांच की जा रही है जिनको बंदरों ने काटा है. क्योंकि बंदरों के काटने से भी जीका वायरस के संक्रमण की संभावना रहती है.

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