राजस्थान में गहराया बिजली संकट, कोयले की कमी से यूपी की बंद और पंजाब की आपूर्ति घटाई

Shubham Bajpai, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 11:24 AM IST
  • राजस्थान में कोयले की कमी से बढ़ रहे बिजली संकट का असर अब पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ने लगा है. राजस्थान ने अब भाजपा शासित उत्तर प्रदेश की बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी. वहीं. पंजाब की बिजली सप्लाई को भी घटा दिया गया. कोयले की कमी से राज्य की कालीसिंध थर्मल पावर यूनिट भी बंद है.
राजस्थान में गहराया बिजली संकट

जयपुर. राजस्थान में कोयले की आपूर्ति में हुई कमी की वजह से इसका असर बिजली निर्माण कर रही थर्मल पावर यूनिट पर पड़ रहा है. कोयले की कमी से राज्य की कालीसिंध थर्मल पावर यूनिट को बंद कर दिया गया है. समय से राजस्थान बिजली उत्पादन निगम द्वारा कोयले का भुगतान न करने की वजह से कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई. जिसका असर बिजली उत्पादन में हो रहा है. जिसके चलते राजस्थान ने यूपी की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है. साथ ही पंजाब की बिजली आपूर्ति में भी कमी कर दी है. वहीं, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि स्थिति में पहले से सुधार हुआ है. पिछले 5 से 7 दिन के बीच बिजली संकट था, जिसे अब सुधार लिया गया है.

अभी तक यूपी को 600 मेगावाट और पंजाब को 200 मेगावाट दी जा रही बिजली

राजस्थान अभी तक उत्तर प्रदेश को 600 मेगावाट बिजली देता था, जिस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. वहीं, पंजाब को 200 मेगावाट बिजली दी जाती थी, जिसमें कटौती की गई है और अब सिर्फ 80 मेगावाट बिजली दी जा रही है. वहीं, राज्य में कोयले की कमी से 7 थर्मल पावर यूनिट बंद हैं और बाकी के पास 3 से दिन का ही स्टॉक बचा है.

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जरूरत 25 रेक कोयले की आपूर्ति हो रही 15

ऊर्जा मंत्री ने इस संबंध में बताया कि स्थिति में पहले से सुधार आया है. एक हफ्ते के करीब बिजली संकट था, उसे ठीक कर लिया गया है. अभी हमें कोल इंडिया रोज 7 कोयले की रेक और हमारी आवंटित कोयला ब्लॉक परसा और छत्तीसगढ़ से 9 से 10 रेक आ रहे हैं, लेकिन राज्य को व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए रोज 20 से 25 रेक की आवश्यकता है. मानसून के दौरान आमतौर पर उत्पादन सरप्लस होता है, लेकिन इस बार कमी के चलते बिजली बैंकिंग प्रणाली प्रभावित हुई और राज्यों की आपूर्ति स्थागित कर दी गई है.

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एक कंपनी को छोड़ अन्य सभी के बकाया को मिली मंजूरी

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सरकार ने एक कंपनी को छोड़कर सभी कंपनियों के बकाया को मंजूरी दे दी है, जल्द ही उनको भुगतान कर दिया जाएगा. वहीं, उन्होंने कहा कि मानसून में बिजली की मांग कम होती है, लेकिन इस बार 20 करोड़ यूनिट की बजाय 30 करोड़ यूनिट की मांग है.

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