राष्ट्रपति ने गांव की मिट्टी को लगाया अपने माथे, फिर किया जनता को संबोधित

Smart News Team, Last updated: Sun, 27th Jun 2021, 7:00 PM IST
देश के राष्ट्रपति अपने गांव परौंख पहुंचे. इस दौरान राष्ट्रपति के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद थीं. राष्ट्रपति ने अपने गांव के पथरी देवी मंदिर में दर्शन के बाद एक कार्यक्रम में भाग लिया. जहां राष्ट्रपति ने लोगों को संबोधित किया.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने गांव परौंख की माटी को नमन किया. (फाइल फोटो)

कानपुर : देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार को अपने गांव परौंख पहुंचे. गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते ही राष्ट्रपति ने सबसे पहले अपने माथे पर अपने गांव की मिट्टी को सम्मान के तौर पर लगाया और इसके बाद वे अन्य कार्यक्रम के लिए निकले. उन्होंने मंदिर में पूजा की और गांव के लोगों को संबोधित किया. संबोधन के दौरान देश के राष्ट्रपति ने गांव से जुड़ी कई सारी यादों के बारे में बताया. उन्होंने सुनने वालों को कहा है कि जितनी खुशी आप लोगों के यहां आने की है उससे कहीं ज्यादा खुशी मुझे अपनी मातृभूमि पर आने की है. मैं जो बना वो इसी गांव की मिट्टी के आशीर्वाद से हूं सब उसी की देन है. 

उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों से निकलकर किसी ऊंचे लोकतांत्रिक पद पर पहुंचना कठिन होता था. पर आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह कठिन नहीं है. इस प्रदेश ने देश को नौ प्रधानमंत्री सहित राष्ट्रपति दिए हैं. देश के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि मुझे गांव में आने में देरी हुई,अगली बार आने में इतनी देरी नहीं होगी और दोबारा फिर गांव में आने का मुझे मौका मिले. पिछली बार मेरा गांव में आने का कार्यक्रम 2019 में था लेकिन किन्ही कारणों से मैं नहीं आ पाया फिर साल 2020 में कोरोना जैसी महामारी ने मुझे गांव में आने से रोक दिया. मैं जब भी किसी भी स्थान पर रहा हूं हमेशा गांव की याद मेरे अंदर ताजा रही है. मैं हमेशा लोगों से फोन पर और वीडियो कॉल पर संपर्क बनाए रहता हूं. 

कानपुर : देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार को अपने गांव परौंख पहुंचे. गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते ही राष्ट्रपति ने सबसे पहले अपने माथे पर अपने गांव की मिट्टी को सम्मान के तौर पर लगाया और इसके बाद वे अन्य कार्यक्रम के लिए निकले. उन्होंने मंदिर में पूजा की और गांव के लोगों को संबोधित किया. संबोधन के दौरान देश के राष्ट्रपति ने गांव से जुड़ी कई सारी यादों के बारे में बताया. उन्होंने सुनने वालों को कहा है कि जितनी खुशी आप लोगों के यहां आने की है उससे कहीं ज्यादा खुशी मुझे अपनी मातृभूमि पर आने की है. मैं जो बना वो इसी गांव की मिट्टी के आशीर्वाद से हूं सब उसी की देन है. 

उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों से निकलकर किसी ऊंचे लोकतांत्रिक पद पर पहुंचना कठिन होता था. पर आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह कठिन नहीं है. इस प्रदेश ने देश को नौ प्रधानमंत्री सहित राष्ट्रपति दिए हैं. देश के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि मुझे गांव में आने में देरी हुई,अगली बार आने में इतनी देरी नहीं होगी और दोबारा फिर गांव में आने का मुझे मौका मिले. पिछली बार मेरा गांव में आने का कार्यक्रम 2019 में था लेकिन किन्ही कारणों से मैं नहीं आ पाया फिर साल 2020 में कोरोना जैसी महामारी ने मुझे गांव में आने से रोक दिया. मैं जब भी किसी भी स्थान पर रहा हूं हमेशा गांव की याद मेरे अंदर ताजा रही है. मैं हमेशा लोगों से फोन पर और वीडियो कॉल पर संपर्क बनाए रहता हूं. 

|#+|

कानपुर में पैतृक गांव परौंख पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, बचपन की यादें हुईं ताजा

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि राष्ट्रपति भवन देश के सभी लोगों का है उस पर केवल राष्ट्रपति का हक नहीं है. जो भी राष्ट्रपति भवन देखने आएगा मैं कोशिश करूंगा कि उन्हें दिखा सकूं. इसके अलावा देश के राष्ट्रपति ने अपने अपने बचपन की यादें ताजा करते हुए कहा कि गांव में पहले की अपेक्षा बहुत अधिक पक्के घर और दुकान बन चुके हैं. जिनको देखकर अच्छा लगता है. प्रेसीडेंशियल ट्रेन से जब आ रहा था तो फ्रेट कॉरिडोर जैसे विकास के कार्य आने वाले समय में प्रदेश को अच्छा रिजल्ट देंगे. 

इसके अलावा राष्ट्रपति ने अपने बचपन के दोस्तों विजयपाल, चंद्रभान, हरिराम, जसवंत सिंह को भी याद किया. साथ ही अपने अंदर राजनीति की भावना पैदा करने वाले बजरंग सिंह को भी याद किया. इसके अलावा देश के राष्ट्रपति ने बताया कि इस गांव में उन्होंने 15 साल बिताए हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोरोना वायरस से सावधानी बरतने को कहा है. साथ ही डीएम को वैक्सीनेशन के लिए कैंप लगाने को कहा है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें