कानपुर: राहुल कोठारी की तबियत हुई ख़राब, जेल से निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती

Smart News Team, Last updated: Tue, 24th Nov 2020, 10:31 AM IST
  • विक्रम कोठारी के बेटे राहुल कोठारी और रोटोमैक ग्लोबल के निदेशक की तबियत ख़राब, जेल अस्पताल से निजी अस्पताल में किया गया शिफ्ट,20 मार्च को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस ने किया था गिरफ्तार, 2800 करोड़ का बैंक से लेनदेन का है मामला.
जेल में तबियत बिगड़ने के बाद राहुल कोठारी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया

कानपुर के व्यावसाई विक्रम कोठारी का लड़का राहुल कोठारी जिसको एसएफआइओ ने 20 मार्च को 2800 करोड़ के बैंक लेनदेन मामले गिरफ्तार किया था जब. जेल अस्पताल में जब उसकी तबीयत बिगड़ी तब उसे उर्सला के वीवीआईपी शताब्दी वार्ड में शिफ्ट किया गया है. वहीं उसका इलाज चल रहा है. मार्च में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआइओ) ने राहुल कोठारी और उदय देसाई को गिरफ्तार किय था. तबसे वे कानपुर जेल में ही है.

उर्सला निदेशक डॉक्टर आरसी भट्ट के मुताबिक 13 नवंबर को राहुल को जेल डॉक्टरों के रेफर करने के बाद यहां लाया गया था. जांच के बाद दूसरी मंजिल के प्राइवेट कमरा नंबर 207 में भर्ती किया गया. वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर शैलेन्द्र तिवारी की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. उन्होंने ने बताया कि गुर्दों पथरी के साथ संक्रमण है. दोबारा कुछ जांचे कराई गई है. उसके हिसाब से अस्पताल से डिस्चार्ज करने का फैसला किया जाएगा.

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किसने किया था गिरफ्तार ?

20 मार्च को एसएफआईओ की टीम ने रोटोमैक ग्लोबल के निदेशक राहुल कोठारी, फ्रास्ट इंटरनेशनल के एमडी उदय देसाई और उसके बेटे सुजय देसाई को गिरफ्तार किया था. यह शहर में एसएफआईओ की पहली कर्रवाई है, जिसमें उद्योगपियों को पकड़ा गया है. ये मामला रोटोमैक और फ्रास्ट इंटरनेशनल के बीच लगभग 2800 करोड़ के लेनदेन का है.

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विक्रम कोठारी कहां है ?

ढाई साल पहले रोटोमैक ग्लोबल के घर और ऑफिस में सीबीआई ने छापा मारकर विक्रम कोठारी को गिरफ्तार किया था. विक्रम पर बैंक का करीब 3000 करोड़ रूपए का बकाया है. जो एनपीए हो गया है. बैंक उन्हें विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर चूके है. फ्राड की गंभीरता को देखते हुए, ये मामला वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली विंग सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन को सौंपे गए थे.

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