RBI ने बदले बैंक लॉकर नियम, नुकसान होने पर ग्राहकों को ऐसे मिलेगी राहत

Smart News Team, Last updated: Thu, 19th Aug 2021, 2:18 PM IST
  • अब बैंक लॉकर में किसी तरह का नुकसान होने पर बैंक अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकेंगे. नए नियम अनुसार, बैंक में आग लगने, चोरी, सेंधमारी, लूट, डकैती, इमारत ढहने और बैंक की अपनी कमी, लापरवाही, चूक या बैंक के कर्मचारियों द्वारा फ्रॉड करने के मामले में बैंक को आरबीआई द्वारा तय जुर्माना देना होगा. 
आरबीआई ने बैंक लॉकर से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब लॉकर में किसी भी तरह की सेंध मारी में बैंक को ग्राहक को उसके लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना देना होगा.

कानपुर. आरबीआई बैंक ने बैंक लॉकर से जुड़ी शिकायतों को लेकर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है. आरबीआई ने बैंक लॉकर से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब लॉकर में किसी भी तरह की सेंध मारी में बैंक को ग्राहक को उसके लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना देना होगा. ये नियम 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे. बैंक लॉकरों को लेकर लगातार बढ़ती ग्राहकों की शिकायतों को लेकर आरबीआई ने यह फैसला लिया है.

इन परिस्थितियों में मिलेगा जुर्माना, इन पर नहीं

आरबीआई के नियम अनुसार, बैंक में आग लगने, चोरी, सेंधमारी, लूट, डकैती, इमारत ढहने और बैंक की अपनी कमी, लापरवाही, चूक या बैंक के कर्मचारियों द्वारा फ्रॉड करने के मामले में बैंक को आरबीआई द्वारा तय जुर्माना देना होगा. वहीं, भूकंप, बाढ़, आंधी, बिजली या ग्राहक की लापरवाही की वजह से लॉकर को कोई नुकसान होगा तो उसकी भरपाई करने का उत्तरादायित्व बैंक का नहीं होगा.

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लॉकर खुलते ही ग्राहकों को मिलेगा मैसेज और ईमेल

अब नए नियम के अनुसार, जैसे ही बैंक का लॉकर खुलेगा तो उस लॉकर के मालिक को बैंक ईमेल, मोबाइल नंबर पर मैसेज भी भेजेंगे. जिसमें लॉकर खुलने की तारीख और समय अंकित होगा. वहीं, आरबीआई ने कहा कि लॉकर रखने वाले इलाके में सुरक्षा मजबूत करने के लिए बैंक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति लॉकर के एरिया में प्रवेश न कर सके.

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तीन साल तक नहीं दिया लॉकर का किराया तो बैंक को लॉकर खोलने का अधिकार

यदि कोई लॉकर धारक तीन साल तक लॉकर का किराया नहीं देता है, तो बैंक को उस लॉकर को खोलने का अधिकार होगा. बैंक लॉकर खोलने से पहले लॉकर किराए पर लेने वाले को पत्र, ई-मेल और मैसेज के माध्यम से इसकी जानकारी देगा और यदि इसका कोई जवाब नहीं आता या लॉकर धारक का पत नहीं चलता है तो अखबारों में इसके संबंध में नोटिस जारी करेगा. वहीं, अब नॉमिनी को लॉकर की संपत्ति देने का बैंक को अधिकार होगा, लेकिन शर्त यह है कि लॉकर सात साल से निष्क्रिय हो और उसका किराया नियमित बैंक को मिल रहा हो.

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