रिजर्व बैंक ने जारी किए 2200 करोड़ के नए नोट, 10, 50 की गड्डियों की कालाबाजारी शुरू

Somya Sri, Last updated: Thu, 28th Oct 2021, 9:03 AM IST
  • रिजर्व बैंक के वेस्ट यूपी रीजन ने 2200 करोड़ से ज्यादा के नए नोटों की खेप जारी की है. लेकिन इनके मार्केट में आने से पहले ही नए नोटों की कालाबजारी शुरू हो गई है. नोटों की कालाबाजारी होने के पीछे आने वाले त्यौहार है. दिवाली पूजन में गणेश लक्ष्मी के साथ नए नोट रखना शुभ माना जाता है. इसलिए शगुन के रूप में नई करेंसी की डिमांड शुरू हो गई है.
RBI (फाइल फोटो)

कानपुर: कोरोना वायरस के दम तोड़ते ही करीब डेढ़ साल बाद रिजर्व बैंक के वेस्ट यूपी रीजन ने 2200 करोड़ से ज्यादा के नए नोटों की खेप जारी की है. लेकिन इनके मार्केट में आने से पहले ही नए नोटों की कालाबजारी शुरू हो गई है. 1 रुपये की गड्डी 5500 रुपए तक में मिल रही है. जबकि 10 की गड्डी 1500 से 2000 तक में बिक रही है. वहीं 50 रुपये की गड्डी 6000 में बिक रही है.

क्यों हो रही कालाबजारी?

जानकारी के मुताबिक नोटों की कालाबाजारी होने के पीछे आने वाले त्यौहार है. दिवाली पूजन में गणेश लक्ष्मी के साथ नए नोट रखना शुभ माना जाता है. इसलिए शगुन के रूप में नई करेंसी की डिमांड शुरू हो गई है. सभी लोग नई करेंसी की डिमांड कर रहे हैं. जिस वजह से एक रुपए, 10 रुपये और 50 रुपये की गड्डी 6000 तक में बिक रही है.

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वहीं कालाबाजारी का दूसरा कारण जुआ को माना जा रहा है. बताया जाता है कि दिवाली पर बड़े पैमाने पर ताश खेलते हैं और इसकी शुरुआत नई करेंसी के साथ करना शुभ माना जाता है. इस वजह से भी नए नोटों की मारामारी शुरू हो गई है. इसके अलावा तीसरा कारण है कोरोनावायरस. कोरोना की वजह से गर्मियों की शादियां भी सर्दियों में शिफ्ट हो गई. शादियों का सीजन भी अब लंबा चलने वाला है. इस दौरान भी नए नोटों का इस्तेमाल किया जाता है. इस वजह से नए नोटों की कालाबाजारी शुरू हो गई है.

आरबीआई क्या करेगा?

कालाबाजारी से निपटने के लिए आरबीआई ने कई टीमें बनाई है. इन टीमों की मदद से इनका राशियों की कालाबाजारी को रोकने का काम किया जाएगा. यह टीमें 14 करेंसी चेस्ट 636 बैंक शाखाओं में कहीं भी निरीक्षण कर सकती है.

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