कानपुर में फूलन देवी के खिलाफ 41 साल से चल रहा केस खत्म, वजह कर देगी हैरान

Smart News Team, Last updated: Tue, 3rd Aug 2021, 8:19 PM IST
  • दस्यु से सांसद बनने वाली फूलन देवी को लेकर हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. दरअसल फूलन देवी के खिलाफ बीते 41 साल से चल रहा डकैती का केस अब जाकर खत्म हुआ है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पुलिस अभी तक कोर्ट में फूलन देवी की मौत के साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई थी.
फूलन देवी के खिलाफ बीते 41 सालों से चल रहा डकैती का मुकदमा अब जाकर खत्म हुआ है.

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. दरअसल खबर दस्यु से सांसद बनी फूलन देवी से जुड़ी हुई है. हुआ ये है कि कानपुर के भोगनीपुर कोतवाली के किसुनपुर गांव में 41 साल पहले हुई डकैती के मामले में फूलन देवी के खिलाफ चल रहा मुकदमा खत्म हो गया. स्पेशल जज डकैती कोर्ट ने फूलन देवी की मौत से जुड़े साक्ष्यों को देखने के बाद मुकदमें को खत्म करने का फैसला किया. हैरत की बात ये है कि फूलन देवी को 20 साल पहले दिल्ली में मार दिया गया था लेकिन स्थानीय पुलिस को उनकी मौत के साक्ष्य अदालत पहुचाने में इतने साल लग गए.

बता दें कि 25 जुलाई 1980 को कानपुर के भोगनीपुर कोतवाली में फूलन देवी, विक्रम मल्लाह और उनके गिरोह के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज डकैती सुधाकर राय के कोर्ट में चल रही थी. विक्रम मल्लाह 12 अगस्त 1980 को पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया था. उसके मौत की पुष्टि 4 सितंबर 1998 को कोर्ट में कर दी गई थी. लेकिन फूलन देवी के खिलाफ चल रहा मुकदमा बीते 41 साल से विचाराधीन था. मंगलवार को तमाम सारे साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद कोर्ट ने फूलन देवी के खिलाफ चल रहा यह मुकदमा खत्म करने का आदेश दिया.

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फूलन देवी सरेंडर करने के बाद सांसद बनकर दिल्ली पहुंच गई. इसके बाद भी उसके खिलाफ भोगनीपुर में दर्ज डकैती का मुकदमा स्पेशल जज डकैती कोर्ट में विचाराधीन रहा है. इस बीच दिल्ली में 25 जुलाई 2001 को शेर सिंह राणा ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. बीस साल बाद भोगनीपुर पुलिस कोर्ट में फूलन की मौत की पुष्टि करा सकी. तब जाकर 41 साल से चल रहा यह मुकदमा खत्म हो सका.

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