संजीत हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कानपुर से पैदल ही लखनऊ निकले परिजन

Smart News Team, Last updated: 14/08/2020 12:48 PM IST
  • कानपुर से पैदल लखनऊ जा रहे परिजनों का रास्ता रोकने पर पुलिस से हुई तीखी झड़प. संजीत की मां ने हाईवे पर ट्रक के सामने लेट कर जान देने की कोशिश की. पिता चमन लाल ने अपने गमछे से गले को कसकर जान देने की कोशिश की. 1 घंटे तक चले हंगामे के चलते हाईवे पर लगा भीषण जाम
संजीत की मां और बहन को समझाते एसपी साउथ दीपक भूकर

कानपुर। संजीत यादव अपहरण हत्याकांड में कार्यवाही नहीं होने पर शुक्रवार को संजीत के परिजन सुबह ही पुलिस को चकमा देकर सैकड़ों लोगों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पैदल ही कानपुर से लखनऊ निकले.

सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस व परिजनों के बीच तीखी झड़प हुई. पुलिस ने परिजनों का रास्ता रोककर उन्हें लखनऊ जाने से मना किया लेकिन परिजन नहीं रुके. इस दौरान परिजनों के साथ उनके कुछ समर्थक भी मौजूद रहे.

22 जून को अप्रैल रेट लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की फिरौती देने के बावजूद अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी थी. पुलिस ने मामले में महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार भी किया लेकिन अभी तक ना तो संजीत का शव बरामद हुआ और इससे जुड़े हुए उसके सामान. डीएम और डीआईजी के आश्वासन के बाद भी सीबीआई जांच शुरू नहीं होने पर परिजनों का धैर्य टूट गया जिसके बाद परिजन शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पैदल ही कानपुर से लखनऊ के लिए रवाना हो गए.

इससे पहले 2 अगस्त को परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर शास्त्री चौक पर धरना दिया था जिस पर शासन से वार्ता कर डीएम ने परिजनों को सीबीआई जांच का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक जांच नहीं शुरू हुई. शुक्रवार को सुबह संजीत के पिता चमनलाल, मां कुसमा देवी, बहन रुचि, चाचा कश्मीर सिंह पुलिस को चकमा देकर घर से निकल लिए.

इसके बाद सामाजिक संस्था ऑपरेशन विजय व अन्य सैकड़ों लोग परिजनों के साथ बड़ागांव से होते हुए बर्रा हाईवे पर पहुंचे. इस दौरान लोग अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए थे जिनमें संजीत का शव बरामद करो, पुलिस प्रशासन होश में आओ, और संजीत के परिवार को न्याय दो जैसे स्लोगन लिखे हुए थे. हाईवे पर करीब ढाई सौ लोगों के पैदल मार्च के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गई.

इस दौरान सीओ गोविंद नगर सर्कल फोर्स के साथ पहुंचकर परिजनों को रोकने का प्रयास किया. इस दौरान उनकी परिजनों से झड़प भी हुई.

बहन रुचि का कहना है कि पुलिस न तो संजीत का शव बरामद कर पा रही है और न ही सीबीआई जांच के आश्वासन को अमल में ला रही है.

वहीं नौबस्ता की ओर से आ रहे ट्रक से आगे अचानक मां कुसमा देवी लेट गयी. पुलिस ने किसी तरह ट्रक को रुकवाया. दूसरी ओर पिता चमनलाल ने अपने गमछे से गला कसने की कोशिश की. पुलिस ने हाइवे के दोनों ओर से बैरिकेडिंग लगाकर वाहन खड़े करवा दिए. हाईवे पर करीब 1 घंटे से चल रहे हंगामे के चलते भीषण जाम लग गया.

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