IIT कानपुर की पूर्व छात्रा और प्रोफेसर को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार

Smart News Team, Last updated: Tue, 29th Sep 2020, 8:20 AM IST
  • आईआईटी कानपुर की पूर्व छात्रा डॉ. ज्योतिर्मय दाय और प्रोफेसर बुसरा अतीक को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार मिलेगा. प्रों बुसरा अतीक जहां संस्थान में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, वहीं डॉ. ज्योतिर्मय दास फिलहाल स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज से जुड़ी हुई हैं.
IIT कानपुर की पूर्व छात्रा और प्रोफेसर को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार

कानपुर. IIT कानपुर में प्रो. बुसरा अतीक और संस्थान की पूर्व छात्रा डॉ. ज्योतिर्मय दास को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार मिलेगा. प्रो बुसरा अतीक को यह पुरस्कार बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग में मिला है. वहीं पूर्व छात्रा डॉ. ज्योतिर्मय दास को केमिकल साइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है. संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर समेत प्रोफेसरों ने इस उपलब्धि पर बधाई दी.

बता दें कि शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार काउंसिल एंड साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च की तरफ से दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है. इस पुरस्कार के नवाजे जाने वाली उड़ीसा की डॉ. ज्योतिर्मय दास की विभिन्न अणुओं के संश्लेषण के लिए नई कार्यप्रणाली पर उनकी रिसर्च बहुउपयोगी साबित होगी. 

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इसका उपयोग चिकित्सकिय लक्ष्यों की संरचना और कार्य के अध्ययन करने के लिए किया जा सकता है. डॉ. ज्योतिर्मय ने कटक से केमिस्ट्री में एसएससी किया. उसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से पीएचडी किया है. फिलहाल वह स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज से जुड़ी हुई हैं. 

काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस सर्वोच्च पुरस्कार का नाम संस्थापक निदेशक स्वर्गीय डॉ शांति स्वरूप भटनागर के नाम पर रखा गया है. हर साल यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार दिया जाता है. इसी क्रम में इस बार यह पुरस्कार आईआईटी कानपुर में एसोसिएट प्रोफेसर बुसरा अतीक को और पूर्व छात्रा डॉ. ज्योतिर्मय दास को दिया जा रहा है.

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