अखिलेश को चाचा शिवपाल का चुनावी तोहफा, सपा की इन सीटों पर कैंडिडेट नहीं उतारेगी प्रसपा

Smart News Team, Last updated: Wed, 1st Sep 2021, 4:48 PM IST
  • यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव की प्रसपा ने ऐलान किया है कि पार्टी कानपुर की दो सीट आर्यनगर और सीसामऊ में अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी. वर्तमान में इन दोनों सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है.
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल यादव.( फाइल फोटो )

कानपुर. उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 की तैयारियों के बीच शिवपाल सिंह यादव अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को चुनावी तोहफा देते हुए ऐलान किया है कि कानपुर की दो सीटों पर प्रसपा पार्टी अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी. साल 2017 में कानपुर की इन दोनों सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की थी. कहा तो ये भी जा रहा है कि कानपुर का ये मॉडल शिवपाल यादव विधानसभा चुनाव में यूपी की बाकी सीटों पर भी लागू कर सकते हैं जहां सपा के सीटिंग विधायक हैं. इस तरह सपा के मौजूदा विधायकों की सीट पर अखिलेश को चाचा की पार्टी के हाथों वोट कटने का खतरा नहीं रहेगा. 

गौरतलब है कि कानपुर की 10 विधानसभा सीटों में दो सीटों पर सपा काबिज है जिनमें सीसामऊ से इरफान सोलंकी और आर्यनगर से अमिताभ बाजपेई MLA हैं. कानपुर की ये दोनों सीट समाजवादी की मजबूत सीट है और यही वजह है कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी में भी सपा ने इन सीटों पर विजय हासिल की. हालांकि, प्रसपा कानपुर की इन दो सीट को छोड़कर बाकी 8 सीटों पर वो अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है. वर्तमान में इन 8 सीटों पर सात पर भाजपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है.

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शिवपाल तो कह चुके लेकिन अखिलेश नहीं कर रहे गठबंधन पर कोई बात

घरेलु विवाद में शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी बनाई थी लेकिन धीरे-धीरे उनका रुख अपने भतीजे अखिलेश के लिए नरम पड़ता गया और आखिरकार वे चुनाव आने से पहले समाजवादी पार्टी के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन के संकेत देने लगे. हालांकि, अभी अखिलेश यादव का इस संबंध में  रिएक्शन  प्रसपा और सपा के गठबंधन या प्रसपा के सपा में विलय को लेकर काफी समय से कयास लगाए जा रहे हैं. सामाजिक और राजनीतिक मंचों से शिवपाल सिंह गठबंधन को लेकर कह भी चुके हैं, लेकिन सपा सुप्रीमो अखिलेश इस पर किसी भी तरह की बात नहीं करते हैं. हालांकि वो अन्य छोटे दलों से गठबंधन को लेकर बातचीत कर रहे हैं.

सपा नहीं तो नई पार्टियों के साथ अजमाएंगे किस्मत

जानकारी अनुसार, शिवपाल की पार्टी का गठबंधन सपा के साथ नहीं हुआ, तो वो अन्य जो नए और छोटे दल विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं. उनके साथ मिलकर इस चुनाव में अपनी किस्मत अजमाएंगे. अभी प्रसपा ग्रामीण इलाकों और युवाओं पर फोकस कर रही है. साथ ही प्रसपा कानुपर के आस-पास के जिलों में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में लगी है.

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