दुबे को लेकर SIT का खुलासा- विकास चला रहा था चौबेपुर थाना, पुलिस करती थी पार्टी

Smart News Team, Last updated: 22/11/2020 08:41 PM IST
एसआईटी की जांच में बिकरू कांड को लेकर कई खुलासे पहले भी होते रहे हैं. लेकिन, इस बार रिपोर्ट में सामने आया कि आसपास के थानों को सीधे कंट्रोल विकास दुबे करता था. जिसके बदले में नियुक्त दरोगा-सिपाहियों को वक्त-वक्त पर पार्टी दी जाती थी.
(प्रतिकात्मक फोटो)

कानपुर: बिकरू कांड में एक नया खुलासा एसआईटी रिपोर्ट में सामने आया है. जिसमें पता चला है कि चौबेपुर थाने को विकास दुबे ही सीधे ऑपरेट करता था. इसके बदले में वहां नियुक्त दरोगा-सिपाही को समय-समय पर पार्टियां भी दी जाती थीं. इस काम के लिए विकास ने खासतौर से मैनेजर की नियुक्त कर रखी थी. वह अधिकारियों की मनपसंद चीजों को मुहैया कराता था. वहीं, दूसरी तरफ विकास थाने से यह तय करता था कि किस रिपोर्ट पर जांच हो, एफआईआर हो और किसे डस्टबिन में डाला जाए.

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घटना के समय तक थाने में नियुक्त दरोगा की विकास से अच्छी खासी दोस्ती थी. मतलब पहले वही दरोगा थाने में हेड कॉन्सटेबल था, लेकिन जब वह दरोगा बना तो उसका ट्रांसफर हुआ. लेकिन, कुछ ही महीनों में उसने ट्रांसफर थाने में वापस करवा लिया. इनके पीछे विकास अपने कार्य को अंजाम देता रहा. साथ ही विकास उन्हें होली-दिवाली में भी खूब तोहफे दिया करता था. घटना के समय हल्का इंचार्ज केके शर्मा था, जो अब जेल में है. उससे पहले वह इसी क्षेत्र का इंचार्ज था और विकास के साथ-साथ वो भी मटन का शौकीन था. जिसके प्रबंध के लिए उसने अलग मैनेजर की नियुक्ति कर रखी थी. जबकि, शराब का काम अमर दुबे देखता था.

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इसके साथ ही उसे शिवली के शराब ठेकों से अच्छी खासी होती थी. यहां तक कि होली-दिवाली पर अंग्रेजी और देशी शराब के दो लोडर बिकरू आया करते थे. जिसमें देशी से आस पड़ोस के गांव के युवाओं का और अंग्रेजी शराब सिपाही-दरोगा का पेट भरता था. वहीं, बीट सिपाहियों की ज़रूरतों की जिम्मेदारी विकास ने लकड़ी और खनन के व्यापारियों को सौंप रखी थी. इसी बात पर एक गुप्त सूत्र ने कई बार इस बात की शिकायत बड़े अधिकारियों से भी की, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी और कोई कार्रवाई नहीं की.

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एसाआईटी की जांच में जिन तीन पूर्व थानेदारों को दोषी पाया गया है. वे इस कदर विकास की बात मानते थे कि उनके रहने पर विकास थाने में ही पंचायतों का आयोजन करता था. जिसपर पुलिस का कोई दखल नहीं होता था. इसके अलावा अब बिकरू कांड में एक और व्यक्ति की स्थिति संदिग्ध मानी जा रही है. उसने इस कांड के पहले और बाद में विकास गैंग से बात भी की है. जिसका खुलासा उसकी कॉल डिटेल खंगालने पर हुआ. इसी आधार पर एसआईटी ने सिफारिश की तो नवाबगंज इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने एमआईजी सूर्य विहार ख्यौरा नवाबगंज निवासी राजू बाजपेई के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली है. लेकिन, इसके बिकरू कांड में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले है. जिसके चलते सिर्फ उसपर धोखाधड़ी का मामला दर्ज होगा.

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