सपा MLA को सरेंडर के लिए पांच घंटे करना पड़ा इंतजार, जानें क्यों

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 2nd Oct 2021, 4:25 PM IST
  • कानपुर के आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी को तकनीकी पेंच के चलते एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर करने के लिए तकरीबन पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा. इस दौरान उन्हें न्यायिक हिरासत में बिताना पड़ा.
(फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)

कानपुर. शुक्रवार को कानपुर के आर्यनगर से सपा विधायक ने एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया. दरअसल, दो साल पहले दर्ज मुकदमे में उन्होंने सरेंडर किया है. आर्यनगर से सपा विधायक ने न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी की कोर्ट में आत्मसर्पण किया. बताते चलें कि पुलिस ने दो साल पहले बलवा की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी. बताया जा रहा है कि तकनीकी पेंच के चलते विधायक को तकरीबन पांच घंटे तक न्यायिक हिरासत में रखा गया.

आरोप है कि 21 दिसंबर 2019 को विधायक अमिताभ बाजपेयी, पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर और समर्थकों के साथ नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बवाल के दौरान यतीमखाना की ओर जा रहे थे. इस बीच पुलिस ने सुरक्षा की बात कहते हुए सपा नेताओं को रोकने का प्रयास किया. लेकिन इस दौरान सपा नेताओं और तत्कालीन एडीजी कानपुर जोन प्रेम प्रकाश के बीच विवाद हो गया. पुलिस अफसरों के आदेश पर सपा नेता व समर्थकों को हिरासत में लिया गया था और मुकदमा दर्ज किया था. जिसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार सपा नेताओं पर बलवा की धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी.

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अब इस मामले में सपा विधायक अमिताभ बाजपयी ने विशेष न्यायालय में सरेंडर कर दिया है. लेकिन इस दौरान कुछ तकनीकी पेंच के कारण विधायक को तकरीबन पांच घंटे तक न्यायिक हिरासत में बिताना पड़ा. सहायक शासकीय अधिवक्ता सरला गुप्ता ने बताया कि आरोप जमानत देने लायक थे. इसलिए विधायक को जमानत मिल गई है. उन्होंने आगे कहा कि असिस्टेंट कमिश्नर दिनेश पाल ने चार अक्टूबर 2011 को बिठूर थाने में अमिताभ बाजपेयी समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा, लोकसेवक पर हमला, जानमाल की धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.

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