PPP मॉडल के तहत कानपुर के झकरकटी सहित 23 बस अड्डे होंगे हाईटेक, मिलेंगी ये सुविधाएं

Somya Sri, Last updated: Sat, 16th Oct 2021, 10:04 AM IST
  • उत्तर प्रदेश के 23 बस अड्डे पीपीपी मॉडल के तहत हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगे. इन 23 बस अड्डों में कानपुर के झाकरकटी सहित 17 बस अड्डे पहले चरण में विकसित किए जाएंगे. जनवरी 2022 से बस अड्डे के कायाकल्प का काम शुरू होगा. इस संबंध में कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है
PPP मॉडल के तहत कानपुर के झकरकटी सहित 23 बस अड्डे होंगे हाईटेक, मिलेंगी ये सुविधाएं (प्रतिकात्मक फोटो)

कानपुर: उत्तर प्रदेश के 23 बस अड्डे अब जल्द ही पीपीपी मॉडल के तहत हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगे. इन 23 बस अड्डों में कानपुर के झाकरकटी सहित 17 बस अड्डे पहले चरण में विकसित किए जाएंगे. इसे लेकर टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी. पीपीपी मॉडल के तहत बस स्टैंड को सुविधाओं से जोड़ने के संबंध में कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है. जनवरी 2022 से बस अड्डे के कायाकल्प का काम शुरू होगा.

बता दें कि कानपुर के झाकरकटी बस अड्डे से हर दिन 1200 बसों का आवागमन होता है. इसके माध्यम से रोज करीब 35 से 40000 यात्री यात्रा करते हैं. झकरकटी बस अड्डे से लखनऊ, प्रतापगढ़, रायबरेली, प्रयागराज, वाराणसी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, इटावा, अलीगढ़, झांसी, आगरा, सहित 60 शहरों के लिए बसों का संचालन होता है. इसके लिए दिल्ली और राजस्थान के लिए भी बसें संचालित होती हैं.

बस स्टैंड पर मिलेंगी सुविधाएं

बताया जा रहा है कि पीपीपी यानी प्राइवेट पब्लिक प्राइवेटाइजेशन मॉडल के जरिए बस स्टैंड से कई सुविधाएं जुड़ जाएंगे. जैसे यात्रियों के ठहरने के लिए कमरे होंगे. वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी. सभी बसों के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे. समय सारणी की पूरी जानकारी यात्रियों को मिले इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले होगा. बस स्टैंड पर शॉपिंग मॉल की सुविधा भी होगी. साथ ही एसी वाले कमरे भी उपलब्ध होंगे. यात्रियों को बसों पर इलेक्ट्रॉनिक चार्जिंग प्वाइंट भी मिलेगा. टिकट बुकिंग काउंटर की सुविधा भी मिलेगी. यात्रियों को बस स्टैंड पर मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी मिलेगी. साथ ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी.

संजय शुक्ला जीएम, टेक्निकल, यूपीएसआरटीसी ने बताया कि पीपीपी माडल के तहत झकरकटी बस अड्डे सहित प्रदेश के 17 बस अड्डों को प्रथम चरण में विकसित किया जाना है. इसके लिए 21 अक्टूबर को टेंडर डाले जाएंगे. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के के बाद बस अड्डों को विकसित करने का काम शुरु किया जाएगा.

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