कानपुर: स्वीपर कॉलोनियों के विवाद में योगी आदित्यनाथ ने मांगी रिपोर्ट

Smart News Team, Last updated: 09/09/2020 01:51 PM IST
  • कानपुर शहर में कुल 25 स्वीपर कॉलोनियां हैं. यह कॉलोनी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के आदेश पर बसाई गई थी. तब कानपुर डेवलपमेंट बोर्ड ने (अब केडीए) ने इन कॉलोनियों का निर्माण कराया था. लेकिन अब केडीए ने ही इन्हें खाली करने का नोटिस थमा दिया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर जिला प्रशासन से नगर की स्वीपर कालोनियों में रहे सफाई कर्मियों को उनके आवास स्थायी रूप से आवंटित किये जाने के बारे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

कानपुर. यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर जिला प्रशासन से नगर की स्वीपर कालोनियों में रहे सफाई कर्मियों को उनके आवास स्थायी रूप से आवंटित किये जाने के बारे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने यह निर्देश उत्तर प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के चेयरमैन डा. लालजी प्रसाद निर्मल से मुलाकात के बाद दिया. दरअसल डा. निर्मल मंगलवार की शाम इन सफाई कर्मियों की समस्याओं और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले.

कानपुर: शहर में अब दो मुफ्ती-ए-आजम, मुफ्ती शाहबाज और मुफ्ती इलियास

जानकारी के मुताबिक इन सफाई कर्मियों को कोरोना काल में नगर निगम ने किराए के लिए नोटिस दे दिया है. वहीं, कानपुर विकास प्राधिकरण ने फूलबाग की स्वीपर कालोनी में रह रहे सफाई कर्मियों को आवास खाली करने का नोटिस दे दिया है. ऐसे में स्वीपर कालोनियों में 1958 से रह रहे सफाई कर्मी परिवार के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है. ऐसे में, इन कालोनियों के सफाई कर्मी परिवार कानपुर नगर निगम व विकास प्राधिकरण के रवैये का विरोध कर रहे हैं.

आलीशान फ्लैट में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, दो कॉल गर्ल, एक दलाल अरेस्ट

उधर डा. निर्मल का कहना है कि पहली बार कानपुर के सफाई कर्मियों को स्थायी आवास मिलने की उम्मीद जगी है. उन्होंने बताया कि वह इस बारे में डा. कानपुर नगर के प्रशासन से भी बात कर चुके हैं. इसी सिलसिले में डॉ. निर्मल ने मुख्यमंत्री को अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि आंबेडकर के सामाजिक न्याय की मुहिम पर यूपी सरकार काम कर रही है. मुख्यमंत्री की नवीन रोजगार छतरी योजना से अनुसूचित जाति के युवाओं में उत्साह देखने को मिला है. 

कानपुर: कोरोना के बीच पांव पसार रहा डेंगू,11 साल की बच्ची की मौत, दो मरीज भर्ती

बता दें कि शहर में कुल 25 स्वीपर कॉलोनियां हैं. यह कॉलोनी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के आदेश पर बसाई गई थी. तब कानपुर डेवलपमेंट बोर्ड ने (अब केडीए) ने इन कॉलोनियों का निर्माण कराया था. बताया जाता है कि फिलहाल इन कॉलोनियों में 35 हजार लोग रहते हैं. इनमें से तीन कॉलोनियों का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा ने कराया था. वहीं फूलबाग के माली क्वार्टर में फिलहाल करीब चार हजार लोग रहते हैं. लेकिन अब उन्हें भी केडीए ने नोटिस थमा दिया है. इस मामले में कर्मचारी संयुक्त संघ के महामंत्री हरिओम वाल्मीकि का कहना है कि राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के जरिए हमने कॉलोनियों में रहने वालों की पीड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंचाई है. अभी भी कर्मचारियों के वेतन और भत्ते से कटौती की जा रही है. अगर कॉलोनियों से बेदखल किया गया तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा.

अन्य खबरें