नीलाम होगा यूपिका का मुख्यालय, 400 करोड़ से अधिक विभाग पर कर्जा

Smart News Team, Last updated: Thu, 19th Aug 2021, 12:51 PM IST
  • काफी समय से घाटे में चल रही यूपिका और हैंडलूम निगम की संपत्तियों को अब सरकार नीलाम करने जा रही है. दोनों विभागों पर विभिन्न देनदारों का कुल मिलाकर 400 करोड़ रुपए कर्जा है. जिसके चलते संपत्तियों को बेचकर सभी का कर्ज का भुगतान किया जाएगा. विभाग सबसे पहले यूपिका के मुख्यालय की नीलामी करने जा रहा है.
यूपिका और हैंडलूम निगम की संपत्तियों को अब सरकार नीलाम करने जा रही है. दोनों विभागों पर विभिन्न देनदारों का कुल मिलाकर 400 करोड़ रुपए कर्जा है.

कानपुर. प्रदेश के हैंडलूम संस्थानों में शामिल यूपिका और यूपी हैंडलूम जो कभी प्रदेश में मुनाफे वाले संस्थानों में गिने जाते थे, आज उनकी मारी हालत काफी खराब हो चुकी है. जिसके चलते कानपुर के सर्वोदय नगर स्थित इनके मुख्यालय को नीलाम करने की तैयारी की जा रही है. 7000 वर्गमीटर में बने इस मुख्यालय की अनुमानित कीमत 75 करोड़ रुपए रखी गई है. वहीं, विभाग के अधिकांश शो रूम घाटे में चल रहे हैं और कई तो बंद हो गए हैं.

यूपी हैंडलूम पर 225 करोड़ और यूपिका पर 200 करोड़ कर्ज

इन विभागों में आंकड़ों की बात करें तो यूपी हैंडलूम पर करीब 225 करोड़ और यूपिका में 200 करोड़ रुपए का कर्ज है. जिसमें, यूपिका ने 1988 में को ऑपरेटिव बैंक से 19 करोड़ रुपए लोन लिया था, जो अब 110 करोड़ हो गया और अन्य देनदारियों को मिला दिया जाए तो करीब 200 करोड़ रुपए है. दोनों पर ईपीएफओ, लोन, ब्याज, ईएसई समेत कई देनदारियां हो गई हैं.

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संपत्तियां नीलाम कर कर्ज से पाई जाएगी मुक्ति

यूपी हैंडलूम के उपायुक्त वीके शर्मा ने बताया कि घाटे में चल रहे शोरूमों को बंद करने का प्रस्ताव है. वहीं, कैबिनेट में मंजूरी के बाद यूपिका के मुख्यालय समेत यूपिका और हैंडलूम निगम की अन्य संपत्तियों को भी नीलाम किया जाएगा. नीलामी से आने वाले पैसे से देनदारों के कर्ज से विभाग मुक्त होगा. साथ ही विभाग के कर्मचारियों को वीआरएस के लिए अलग से बजट का प्रस्ताव भी विचाराधीन है.

अहमदाबाद छोड़ सभी शोरूम घाटे पर

यूपिका और यूपी हैंडलूम के कुल मिलकर 100 से अधिक शोरूम हैं. यूपिका के प्रदेश में 46 और यूपी हैंडलूम के 70 शोरूम हैं. जिनमें यूपिका के 22 और यूपी हैंडलूम के 23 शोरूम किराए के भवन में चल रहे हैं. जिनमें से अधिकांश घाटे में चल रहे हैं. यूपिका के प्रदेश से बाहर जबलपुर, इंदौर, जयपुर, मुंबई और अहमदाबाद में शोरूम हैं. जिनमें अहमदाबाद को छोड़कर सभी शोरूम बंद हो गए हैं और सिर्फ अहमदाबाद का शोरूम प्रॉफिट में है.

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धोती स्कीम बंद होने के बाद विभाग जाता रहा घाटे में

1977 में जनता धोती स्कीम विभाग में लांच की गई थी. जिसके चलते काफी भर्तियां की गई थी, लेकिन स्कीम बंद होने के बाद कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं आ रहे थे. देखते-देखते विभाग काफी घाटे पर आ गया.

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