भूमिगत मेट्रो ट्रैक बिछाने के लिए चीनी कंपनी अयोग्य घोषित, जल्द काम हो सकता शुरू

Smart News Team, Last updated: Sat, 9th Jan 2021, 11:27 AM IST
कानपुर बृजेंद्र स्वरूप पार्क से नयागंज मेट्रो स्टेशन तक भूमिगत मेट्रो ट्रैक बिछाने के टेंडरों के तकनीकी अध्ययम में चीनी कंपनी अयोग्य घोषित हो गई. पांच दूसरी कंपनियों ने फाइनेंशियल बिड के लिए क्वालीफाई किया है. 
भूमिगत मेट्रो ट्रैक बिछाने के लिए चीनी कंपनी अयोग्य घोषित, जल्द काम हो सकता शुरू, प्रतीकात्मक फोटो

कानपुर. बृजेंद्र स्वरूप पार्क से नयागंज मेट्रो स्टेशन तक भूमिगत मेट्रो ट्रैक बिछाने के टेंडरों के तकनीकी अध्ययम में चीनी कंपनी अयोग्य घोषित हो गई. टेंडर में भाग लेने वाली देश और विदेश की पांच दूसरी कंपनियों ने फाइनेंशियल बिड के लिए क्वालीफाई किया है. इन पांचों कंपनियों में से कोई एक चयनित किया जाएगा और फिर वो ही भूमिगत मेट्रो ट्रैक बिछाएगी.

कॉरिडोर-1 के प्राथमिकता वाले रूट में आईआईटी से मोतीझील तक उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए तेजी से काम कर रहा है.  यह कार्य बृजेंद्र स्वरूप पार्क से चुन्नीगंज और माल रोड होते हुए नरौना चौराहे तक भूमिगत मेट्रो ट्रैक बिछाना है. इस काम के लिए अनुमानित लागत 1400 करोड़ रुपये है. 

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इसी रूट में छह मेट्रो स्टेशनों को बनाना है. जिसके लिए तीन महीने पहले छह कंपनियों ने टेंडर डाले थे. यूपीएमआरसी की टेंडर कमेटी ने इनका तकनीकी अध्ययन किया और टेक्निकल बिड से दो दिन पहले चीन की कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कारपोरेशन लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया.  जिन पांच कंपनियों फाइनेंशियल बिड के लिए क्वालीफाई किया है, उनके नाम लारसन एंड टूब्रो (एल एंड टी), टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (टीपीएल), एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सैम इंडिया - गुलेरमैक जेवी (टर्की), डोगल कंसट्रक्शन (टर्की) और जेएमसी - सीएआई जेवी कंपनी (यूरोपियन) है.

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यूपीएमआरसी की शर्तों का पालन करते हुए जो भी कंपनी सबसे कम पैसों में टेंडर डाला होगा उसका टेंडर स्वीकृत किया जाएगा. यह काम अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है. इसी साल अप्रैल से भूमिगत मेट्रो ट्रैक का काम शुरू हो सकता है.

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