कर्बला में शामिल होने की जिद्द में भीड़ उठे पैकी, ऐसे मिली दफनाने की इज्जत

Smart News Team, Last updated: Fri, 20th Aug 2021, 2:40 PM IST
  • उत्तर प्रदेश के कानपुर में पैकियों के दो गुटों के बीच आधी रात के बाद टकराव होने से नवाबगंज में मौजूद बड़ी कर्बला को बंद करना पड़ा. इन सबके बाद पुलिस ने शर्त के आधार पर ताजिया दफनाने की इज्जत दी.
 उत्तर प्रदेश के कानपुर में बड़ी कर्बला नवाबगंज में पुलिस नहीं दी इज्जत (फोटो क्रेडिट-रिपोर्टर)

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में मोहर्रम की दस तारीख यानि यौम-ए-आशूरा के मौके पर शुक्रवार सुबह से ही मजलिसों और मातम का दौर इस वक्त लगा हुआ है. इन सबसे पहले यहां पर पैकियों के दो गुटों के बीच आधी रात के बाद टकराव होने से नवाबगंज में मौजूद बड़ी कर्बला को पुलिस को बंद करना पड़ा. इतना ही नहीं सुबह के वक्त मजलिस और ताजिया दफन करने पहुंचे अकीदतमंदों के साथ पुलिस की झड़पें हो गई. उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दो-दो लोगों को ताजिया दफ्नाने के लिए अंदर जाने की इजाजत दे दी गई.

इन सबके दौरान पहले तो पैकियों को कर्बला तक जाने की इज्जत तक नहीं दी गई थी लेकिन बिना घंटी को बांधे पैकी बड़ी कर्बला पर जा पहुंचे. इसके बाद कर्बला में जियारत के लिए जाने पर वो आपस में भिड़ते हुए नजर आए। पहले तो पुलिस ने उन्हें इसको लेकर चेतावनी दी और फिर बाद में बड़ी कर्बला बंद कर दी। सुबह टकराव की स्थिति आने से बाल-बाल बचने के बाद कर्बला का ताला खोल दिया गया। बड़ी कर्बला के साथ छोटी कर्बला ग्वॉलटोली में भी भीड़ इक्ट्ठी न होने इस शर्त के आधार पर ताजिया दफनाने की इज्जत दे दी गई. ऐसा ही कुछ आलम बगाही में भी देखने को मिला है. आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि ताजिया जुलूसों पर पहले से ही रोक के चलते ऐसे जुलूसों को नहीं निकाला गया है.

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इसके अलावा शिया हजरात ने ग्वॉलटोली मकबरा, पटकापुर नवाब साहब का हाता, बेकनगंज, भैंसिया हाता, बाबूपुरवा, बेगमपुरवा, रोशन नगर, जाजमऊ और जूहीं में घरों में रहकर मातम किया. इतना ही नहीं पटकापुर में तो मातम के वक्त कमां यानि सिरों पर तलवार से खराश लगाने का भी काम किया गया. इस दौरान घरों के अंदर भी कुछ लोगों ने छुरी और जंजीरों का मातम भी किया. यहां तक की चमनगंज के हाशमी मेडिकल हाल में तबर्रुकात की जियारत तक कराई गई. उनका ये दावा है कि उनके पास इमाम हुसैन की निशानियां हैं.

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