विकास दुबे के भाई समेत 8 साथियों के असलहा लाइसेंस निरस्त, पुलिस ने किए जब्त

Smart News Team, Last updated: Wed, 28th Oct 2020, 6:52 PM IST
  • बिकरू कांड को अंजाम देने वाले विकास दुबे के भाई समेत 8 आरोपियों के असलहा लाइसेंस को डीएम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है. कोर्ट अब तक 18 असलहा लाइसेंस को निरस्त कर चुका है.
डीएम कोर्ट ने विकास दुबे के साथियों के 8 असलहा लाइसेंस निरस्त किए.

कानपुर. बिकरू कांड में शामिल अपराधियों पर प्रशासन लगातार शिकंजा कस रहा है. जिलाधिकारी कोर्ट ने विकास दुबे के भाई समेत बिकरू कांड से जुडे़ आठ आरोपियों के असलहा लाइसेंस को निरस्त कर दिए हैं. पुलिस ने सभी असलहों को जब्त कर लिया है. बिकरू कांड से जुड़े लोगों के अब तक 18 असलहा लाइसेंस को निरस्त किया जा चुका है.

इस सुनवाई को लेकर एडीएम सिटी अतुल कुमार ने कहा कि बिकरू कांड से जुड़े और विकास के करीबियों के 8 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं. चौबेपुर पुलिस ने बिकरु कांड को अंजाम देने वाले विकास दुबे के भाई और परिवार समेत 29 असलहा लाइसेंस को निरस्त करने की मांग की थी. जिसके बाद इसकी सुनवाई डीएम कोर्ट में चल रही थी. 

यूपी उपचुनाव: CM योगी ने कहा, सपा-बसपा-कांग्रेस ने पार्टी को परिवार तक सीमित रखा

सोमवार को  डीएम आलोक तिवारी की कोर्ट ने 8 असलहा लाइसेंस को निरस्त कर दिया है. इससे पहले डीएम डाॅ. ब्रह्मदेव राम तिवारी की कोर्ट में 10 असलहा लाइसेंस को निरस्त किया था. डीएम कोर्ट में 11 असलहा लाइसेंसों पर सुनवाई हो रही है. सोमवार को जिन अपराधियो के लाइसेंस निरस्त किए हैं. उनमें विकास दुबे का भाई दीपक दुबे, श्रीकांत शुक्ला,  रमेश चंद्र द्विवेदी, राकेश कुमार, रवींद्र कुमार, मदारीपुरवा निवासी सूरज सिंह और बसेन निवासी आशुतोष उर्फ शिव त्रिपाठी शामिल हैं.

कानपुर: करोड़ों के घोटाले के आरोपी UPSIDC के चीफ इंजीनियर अरुण मिश्रा गिरफ्तार

आपकों बता दें कि दो जुलाई को हुए कानपुर के बिकरु कांड में जिन असलहों को इस्तेमाल हुआ था. उनमें से दस असलहों पर कई लोगों के उंगलियों के निशान मिले थे. जिसके बारे में एफएसएल रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों ने एक-दूसरे को असलहा दिए थे. जिस वजह से इतने सारे उंगलियों के निशान आ गए.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें