चीन को बाय-बाय, इंडियन झालरों से रोशन होगी दिवाली

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Nov 2020, 11:04 PM IST
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पॉलिसी इस बार की दीपावली में कानपुर के बाजारों में सिर चढ़कर बोल रही है. चीनी सामानों पर रोक के चलते कानपुर के थोक व फुटकर बाजारों में इंडियन झालरों की चकाचौंध बिखरी हुई है. इससे इस उद्योग से जुड़े लोगों में दीपावली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.
कानपुर की मनीराम बगिया का इलेक्ट्रॉनिक बाजार झालरों और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से जगमगा रहा है

कानपुर. बता दें कि दीपावली आते ही कानपुर की मनीराम बगिया का इलेक्ट्रॉनिक बाजार झालरों और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से जगमगा रहा है. इस बार की दीपावली में चीनी झालरों की आवक कम होने से तथा नई तकनीक से तैयार की गई इंडियन झालरों ने बाजार में अपनी धाक जमा ली है. कोरोना वायरस से धूमिल हुई चीन की छवि और देश के साथ टकराव के कारण चीनी उत्पादों पर लगे प्रतिबंध के चलते बाजार में न के बराबर ही चाइनीज झालर दिखाई दे रही हैं जो चाइनीज झालर बाजार में उपलब्ध भी है तो चीन से भारत के संबंधों को देखते हुए आम लोग भी चीनी उत्पादों से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं.

अकेले मनीराम बगिया के थोक इलेक्ट्रॉनिक बाजार की बात करें तो पिछली दीपावली तक 90 फ़ीसदी कब्जा करने वाली चाइनीज झालर बाजार से गायब है. झालरों के अलावा भी बाजार में इलेक्ट्रिक कंदील भगवान की मूर्तियों भी नहीं दिखाई दे रही है. मनीराम बगिया के बाजारों में इंडियन झालरों के साथ ही अन्य इलेक्ट्रिक उत्पाद जैसे एलईडी बल्ब, इलेक्ट्रिक झूमर, इलेक्ट्रिक बल्बों से लैस भगवान की मूर्तियों से बाजार गुलजार है. कीमत भी अधिक नहीं है.

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बाजार में 20 मीटर झालर मात्र 100 की, 50 मीटर की झालर 250 की मिल रही है. वही टीयूवी वाली 30 मीटर की झालर 750 में ग्राहकों के लिए उपलब्ध है. यही नहीं बाजार में झालरों के अलावा डिजाइनदार इलेक्ट्रिक दियों की भी भरमार है.

इस व्यापार से जुड़े मनीराम बगिया के व्यापारी श्याम पाल, राधे मोहन बताते हैं कि इस दीपावली में इलेक्ट्रिक उत्पादों में मेक इन इंडिया का असर पूरी तरह दिखाई दे रहा है. बताया कि ज्यादातर इलेक्ट्रिक झालर और डिजाइनदार दिए पश्चिम बंगाल से मंगाये गए हैं, जिनकी बाजारों में बेहद मांग है.

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