मस्तिष्क व स्पाइनल कॉर्ड को प्रभावित कर रही कोरोना एंटीबॉडी

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Nov 2020, 10:05 PM IST
  • कोरोना वायरस से लड़कर जिंदगी की जंग जीत चुके लोगों की सेहत के लिए कुछ अच्छी खबर नहीं है. देशवा विदेशों में वे शोध के बाद रिपोर्ट में ऐसे लोगों की एंटीबॉडी बढ़ी पाई गई है. जिसके चलते रिएक्शन स्वरूप उनके मस्तिष्क में सूजन के साथ ही मेरुरज्जु तंत्रिका यानी स्पाइनल कार्ड को भी प्रभावित कर रही है.
कोरोना एंटीबॉडी से हो रहा मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड में असर

कानपुर. बताते चलें कि वैश्विक स्तर की कोरोना महामारी देश के ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के करोड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. जिन लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी उनके शरीर में एंटीबॉडी विकसित कर उन्हें जिंदगी की जंग तो जिता दी गई. किंतु एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिन्हें कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में लिया किंतु उनकी इम्यूनिटी पावर अधिक होने की वजह से उन्हें इस वायरस के होने का एहसास भी ना हुआ.

अब कोरोनावायरस से उबरने के बाद ऐसे लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बढ़ी हुई पाई गई है. यह तथ्य देश और विदेशों की प्रयोगशालाओं में शोध के बाद पता चला है. गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग की माने तो उनके यहां कोरोनावायरस संक्रमण से उबरने वाले और अनजाने में कोरोनावायरस के वाहक बने दोनों तरह के लोग अस्पताल में आ रहे हैं. ऐसे लोगों की एम आर आई जांच कराई गई तो पता लगा कि उनके मस्तिष्क में सूजन के साथ ही मैं रज्जू तंत्र का भी प्रभावित पाई गई. मेरुरज्जु तंत्र का प्रभावित होने से उनके हाथ और पैरों में कमजोरी की भी शिकायतें सामने आई है.

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मेडिकल कॉलेज कानपुर के हैलट इमरजेंसी के न्यूरो सर्जन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मनीष सिंह बताते हैं कि एम आर आई जांच रिपोर्ट में उनके मस्तिष्क में सूजन तथा मेरुरज्जु में सूजन पाई गई. यह ऐसे लोगों की रिपोर्ट मैं लक्षण पाए गए हैं जो कोरोनावायरस से उबर चुके हैं अथवा जिन्हें कोरोना संक्रमण ने तो गिरा किंतु उन्हें इसका एहसास ना हो सका.

डॉ मनीष सिंह कहते हैं कि मेरुरज्जु में सूजन मैं रिएक्शन से पैरों में कमजोरी की शुरुआत होती है वह धीरे-धीरे ऊपर बढ़ने लगती है कमजोरी का एहसास हाथों में भी होने लगता है. बाद इसके सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगती है. इससे फेफड़ों की मांसपेशियों और रक्त नलिकाओं में भी कमजोरी देखी जा रही है. यह बुलियन बारी सिंड्रोम की तरह प्रदर्शित कर रहा है.

 

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