कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के लिए PPE किट बनी समस्या, हुए भूलक्कड़

Smart News Team, Last updated: 07/10/2020 10:48 AM IST
  • कोरोना वायरस डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल रहा है. घंटों बिना खाए-पिए पीपीई किट पहनने के कारण कई डॉक्टरों को भूलने की बीमारी हो गई है. इसका कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होना बताया गया है.
कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के लिए PPE किट बनी समस्या, हुए भूलक्कड़

कानपुर. कोरोना वायरस का एक और प्रभाव सामने आ रहा है जिसका शिकार दूसरों की जान बचाने वाले सीनियर, जूनियर और पैरामेडिकल समेत अन्य हेल्थ वर्कर पर पड़ रहा है. सभी को भूलने की बिमारी हो रही है जिसके साथ भूख नहीं लगने, नींद नहीं आने की और सिरदर्द के साथ सिर में भारीपन शिकायत सामने आ रही है.

विशेषज्ञों की मानें तो यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण हो रहा है. पीपीई किट पहनने के कारण तीन-चार प्वाइंट ऑक्सीजन कम मिल रहा है. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर इस समस्या से काफी परेशान हैं. लगातार सात महीने से पीपीई किट में ड्यूटी दे रहे डॉक्टर इन नई समस्या को लेकर चर्चा कर रहे हैं. 50 से अधिक डॉक्टरों को सिर में भारीपन, सिरदर्द और भूलने की समस्या हो रही है. 

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विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में डिहाइड्रेशन के कारण यह समस्या हो सकती है. पीपीई किट पहनने के बाद डॉक्टरों को आठ घंटे तक बिना कुछ खाए और टॉयलेट जाए बिना रहना होता है जिसके कारण उनका सिर चकराने लगता है. इतना पसीना आता है जिससे शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. 

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मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार ने बताया कि डॉक्टर और अन्य हेलथ वर्कर बिना कुछ खाए पिए इतने घंटे काम कर रहे हैं और पीपीई किट का मटीरियल इतना मोटा होता है कि ऐसे में पसीना आना आम बात है. वहीं वायरस को फैलने से रोकने के लिए एसी और पंखे बंद किए जाते हैं जिससे शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. 

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