Dhanteras 2021: धनतेरस से पंचदिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत, जानें दिवाली, भाई दूज और गोवर्धन पूजा का मुहूर्त

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 3rd Nov 2021, 12:07 PM IST
  • दिवाली एक दिन नहीं बल्कि पांच दिनों का त्योहार होता है. इसे धनतरेस, नरक चतुर्थी, दिवाली, भाई दूज और गोवर्धन पूजा के कारण पंचदिवसीय दीपोत्सव भी कहा जाता है. धनतेरस के दिन से ही दिवाली की शुरुआत हो जाती है. आइये जानते हैं धनतरेस के साथ पांच दिनों के त्योहारों की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में.
पांच दिन के दिवाली की शुरुआत आज धनतरेस से.

दिवाली की शुरूआत धनतेरस के दिन से ही शुरू हो जाती है. धनतेरस के त्योहार से ही दिवाली की सारी तैयारियां होने लगती हैं. पूजा पाठ से लेकर साज सजावट तक की सारी तैयारियां इन दिन होने लगती है. ऐसा इसीलिए दिवाली एक दिन का नहीं बल्कि पांच दिनों का त्योहार होता है, यही वजह है कि इसे पंचदिवसीय दीपोत्सव भी कहा जाता है. इसमें धनतेरस, नरक या रूप चतुर्थी, दिवाली, भाई दूज और गोवर्धन पूजा शामिल होते हैं. 2 नवंबर धनतेरस के दिन से लेकर 6 नवंबर तक ये पंचदिवसीय त्योहार मनाया जाएगा. आइये जानते हैं इसकी पूजा विधि और मुहूर्त के बारे में.

धनतेरस - धनतरेस वैसे तो खरीदारी का दिन होता है. इस दिन शुभ मुहूर्त पर नई चीजें खरीदी जाती है. आप सोना-चांदी से लेकर कपड़े और बर्तन आदि खरीद सकते हैं. धनतरेस के दिनसुबह 11:48 मिनट से दोपहर 01:40 मिनट तक का समय शुभ है और शाम को 06:12 मिनट से लेकर रात 10:21 मिनट तक का समय शुभ है. वहीं दोपहर 3 बजे से 04:31 बजे राहुकाल होगा. इस दौरान खरीदारी या पूजा से जु़ड़ा कोई शुभ कार्य न करें.

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रूप चतुर्थी या नरक चतुर्थी- धनतरेस के अगले दिन 3 नवंबर को नरक चतुर्थी रहेगी. नरक चतुर्थी को रूप चतुर्थी भी कहा जाता है. इस दिन घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक जलाया जाता है. मान्यता है कि इससे घर की दरिद्रता दूर होती है और परिवार में अकाल मृत्यु नहीं होती. नरक चतुर्थी के दिन दीप जलाने का शुभ समय शाम 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक रहेगा.

दिवाली- गुरुवार 4 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी. इस दिन लक्ष्मी पूजा के लिए शाम 6 बजकर 10 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक का शुभ समय रहेगा.

गोवर्धन पूजा- दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. इस दिन गाय के गोबर से गोनर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा की जाती है. इसमें अन्न, खील, लावा, मिठाई और फल आदि का भोग लगाया जाता है. गोवर्धन पूजा का शुभ समय दोपहर 03:02 बजे से लेकर रात 8 बजे तक रहेगा.

भाई दूज-6 नवंबर को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. भाई दूज बहनें अपने भाई को तिलक कर उसकी दीर्घायु की कामना करती है. भाई दूज पर तिलक का शुभ समय सुबह 10:30 से 11:40 तक, दोपहर 01:24 बजे से शाम को 04:26 मिनट तक और शाम 06:02 मिनट से लेकर रात 10:05 मिनट तक रहेगा.

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