कानपुर: ई-रिक्शा से हो रहे दोगुना ज्यादा हादसे, 40% चालकों के पास लाइसेंस नहीं

Smart News Team, Last updated: 22/09/2020 10:23 AM IST
  • कानपुर में ई-रिक्शा से होने वाली दुर्घटनाएं हर दिन बढ़ रही हैं. शहर के प्रमुख छह मार्गों पर हर दिन 30 से ज्यादा हादसे हो रहे हैं. ट्रैफिक पुलिस और संभागीय परिवहन के सर्व में पाया गया कि दो महीने में दुर्घटनाएं दोगुनी हुई हैं.
ई-रिक्शा से होने वाले हादसे दोगुना बढ़े, 40% चालकों के पास लाइसेंस नहीं.

कानपुर. कानपुर के छह मार्गों पर ई-रिक्शा से होने वाली दुर्घटनाएं शहर के लोगों के लिए समस्या का बड़ा कारण बनती जा रही है. संभागीय परिवहन और ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में पाया गया कि दो महीने में दुर्घटनाओं की संख्या दोगुनी हो गई है. 

दोनों विभागों के अधिकारी भी परेशानी में हैं कि किस तरह से ई-रिक्शा के कारण होने वाली समस्याओं से निपटा जा सके. कानपुर के प्रमुख 6 मार्गों पर 12 से 15 हादसे 31 जुलाई तक हुए थे और अब स्थिति यह है कि 30 से 32 हादसे हर दिन इन मार्गों पर हो रहे हैं.

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ई-रिक्शा आम लोगों के आन-जाने के लिए प्रमुख साधन बन गया. यही कारण है कि गलियों से लेकर मुख्य सड़कों पर बेखौफ होकर रिक्शा चलाते हैं. शहर में करीब 44 हजार ई-रिक्शा हैं. 

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हैरान करने वाली बात है कि 15 हजार रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन है. इसी के साथ शहर में ई-रिक्शा चलाने वाले 40 प्रतिशत चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है. 60 फीसदी में से आधों के पास हल्के वाहन चलाने का ही लाइसेंस है. जानकारी के लिए बता दें कि ई-रिक्शा चलाने के लिए कर्मशियल लाइसेंस की जरुरत होती है. 

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कानपुर में हादसों का बड़ा कारण है कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा का संचालन बिना लाइसेंस वाले लोग कर रहे हैं. इसी के साथ 20 फीसदी नाबालिग रिक्शा चला रहे हैं. शहर में 40 फीसदी रिक्शों की हालत कंडम है. वहीं 90 प्रतिशत ई-रिक्शा में लाइट नहीं जलती जिससे सड़क के आगे नजर रखी जा सके. 

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