सफाई कर्मी आता नहीं तो ग्रामीणों ने खुद लिया सफाई का जिम्मा

Smart News Team, Last updated: 01/12/2020 08:29 PM IST
  • संदलपुर क्षेत्र के पूरा उड़नवापुर गांव में सफाई कर्मी के नहीं आने से ग्रामीणों ने सफाई का उठाया जिम्मा ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद भी जिम्मेदारों ने नहीं ली सुधि, शिकायत को दरकिनार करते रहे अधिकारी.
फाइल फोटो

कानपुर: सफाई कर्मी के गांव में नहीं आने से गांव में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था. ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की. बावजूद इसके अधिकारियों ने इस पर सुधि नहीं ली जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं साफ सफाई का जिम्मा उठाते हुए गांव के चारों तरफ की नालियां व कूड़े साफ कर गांव को साफ सुथरा बनाया.

आपको बता दें कि संदलपुर क्षेत्र के उड़नवापुर गांव में वर्षों से सफाई कर्मी के नहीं आने से नालियां बजबजा रही थी, इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ था.ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी गांव की सफाई नहीं की गई. इस पर ग्रामीणों ने रविवार को सफाई का जिम्मा लेते हुए नालियों की सफाई शुरू कर दी.थोड़ी ही देर में ग्रामीणों ने पूरे गांव की नालियां व कूड़े का ढेर साफ कर दवा का छिड़काव किया। ग्रामीणों द्वारा नालियों की सफाई करना सफाई व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही है.

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संदलपुर ब्लॉक में सफाई कर्मियों की मनमानी चरम पर है. गांवों में सफाई कर्मी नहीं पहुंच रहे हैं. इससे गांवों की नालियां बजबजा रही हैं. वहीं संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है.गंदगी के चलते उससे उठ रही बदबू से लोगों का घरों में बैठना दूभर हो गया है. वहीं बजबजा रही नालियां संक्रामक बीमारी को दावत दे रही हैं. साथ ही गंदगी के चलते जहरीले जानवरों का खतरा भी गांव में बना हुआ है.

संदलपुर ब्लॉक के उड़नवापुर गांव सतौरा मजरा में आता है. जहां पर पूरी पंचवर्षीय योजना में एक भी दिन सफाई कर्मी नालियों की सफाई करने नहीं आया. ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदार लोगों से नालियों की सफाई करवाने की मांग की लेकिन नतीजा सिफर रहा है. रविवार को ग्रामीणों ने संक्रामक बीमारी को रोकने के लिए गांव की नालियों की सफाई स्वयं शुरू की.गांव के सुशील राजपूत, भूपेंद्र राजपूत, कपिल राजपूत, जितेंद्र राजपूत, रोहित, किशन लाल, मोहर सिंह, राकेश राजपूत आदि ने बताया कि 5 वर्षों में एक भी दिन सफाई कर्मी गांव में सफाई करने नहीं आया. गांव के लोग कई बार अपने हाथों से नालियां साफ कर चुके हैं.

जिम्मेदार लोगों से भी कई बार शिकायत की गई लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला. लगातार मिल रहे झूठे आश्वासन से परेशान होकर ग्रामीणों ने स्वयं साफ सफाई का जिम्मा जिम्मा उठाया. दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने गांव के सभी प्रमुख जगह को साफ व स्वच्छ बना दिया.

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