कानपुर में अमीर बेच रहे लग्जरी कारें, तीन महीने में बिकी करोड़ों की 45 गाड़ियां

Smart News Team, Last updated: 02/09/2020 01:52 PM IST
  • कोरोना काल में एक ओर जहां सेकेंड हैंड गाड़ियों की मांग बढ़ी है वहीं लोग अपनी मंहगी कारों को बेच रहे हैं. तीन महीने में बड़े व्यापारियों ने करीब 50लाख की कीमत वाली 45 महंगी कारें बेची हैं. महंगी गाड़ियों के बाजार के मामले में इस वक्त कानपुर प्रदेश में पहले स्थान पर है.
महंगी कारें (फाइल फोटो)

कानपुर: कोरोना संकट काल में 40 लाख से ऊपर वाली लग्जरी कारों की खरीद-फरोख्त में कानपुर पूरे प्रदेश में नंबर वन पर है. सामान्य दिनों में हर महीने 40 से 50 लग्जरी कारें बिकती हैं. कोरोना काल में कारोबारियों की आय घटी तो उन्होंने अपनी गाड़ियों को निकालना शुरू कर दिया. तीन महीने में 50 लाख रुपए वाली 45 यूज्ड कारें अमीरों ने बेच दीं. इनमें से अधिकांश गाड़ियां किस्तों पर खरीदी गई थीं, जो डिफाल्ट होने पर बेची जाने लगीं. 

जानकारी के मुताबिक कोरोना में आय में कमी और भारी भरकम मेंटीनेंस के कारण परेशान बड़े बिजनेसमैन अपनी लग्जरी कारें बेच रहे हैं. इसके साथ ही बाजार में सेकेंड हैंड छोटी कारों की मांग आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है.सेकंड हैंड वाहनों का कारोबार करने वाले अंकित सिंह ने बताया कि पहले लगा कि कारोबार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा, लेकिन पहले के मुकाबले 50 हजार से तीन लाख रुपए तक की कारों की मांग बढ़ गई है. 

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जानकारों का कहना है कि यूज्ड कार का अलग बिजनेस असंगठित क्षेत्र में है. सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने वाले ग्राहक का पैसा ज्यादा मेहनत का होता है. कोरोना पीरियड में सेकेंड हैंड छोटी गाड़ियों की मांग काफी बढ़ी है लेकिन इसे खरीदते समय सावधानी बरतने की भी जरूरत है. सचिन भाटिया, लग्जरी कार डीलर बताते हैं कि कोरोना के कारण बड़े कारोबारियों का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है इसीलिए लग्जरी कार बेचने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। सेकेंड हैंड लग्जरी कार खरीदने वाले भी घटकर 25 प्रतिशत रह गए हैं. इसके उलट सेकेंड हैंड छोटी कारों की मांग दोगुना से भी ज्यादा हो गई है. 

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