कानपुर: बिकरु कांड के आरोपी अमर दुबे की पत्नी पर बढ़ाई गई 8 नई संगीन धाराएं

Smart News Team, Last updated: Fri, 25th Sep 2020, 12:24 PM IST
  • कानपुर. किशोर न्याय बोर्ड में अमर दुबे की पत्नी की पेशी पर बढ़ाई गईं आठ नई संगीन धाराएं 8 अतिरिक्त धाराओं के बढ़ाए जाने के बाद अब अमर दुबे की पत्नी पर कुल 17 धाराएं लगी नई धाराओं में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और हत्यायुक्त डकैती समेत कई संगीन आरोप शामिल. 
अमर दुबे (बिकरु कांड)

कानपुर। कानपुर में हुए बिकरु कांड के आरोपी अमर दुबे की पत्नी पर बुधवार को आठ संगीन धाराएं बढ़ा दी गई है जिसके चलते अब आरोपी अमर दुबे की पत्नी पर कुल 17 धाराएं लग चुकी है. पुलिस ने गुरुवार को बढ़ाई गई अतिरिक्त धाराओं के आधार पर कोर्ट से रिमांड की मांग की है.

बिकरु गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी. प्रदेश भर में यह चर्चा का विषय बना हुआ था. हाल ही में अमर दुबे की शादी हुई थी जिसमें उसकी पत्नी नाबालिग पाई गई. अमर दुबे की पत्नी मात्र 17 वर्ष की है. अमर दुबे की पत्नी के ऊपर भी पुलिस ने कई संगीन धाराएं लगाई है.

कड़ी सुरक्षा में पेश की गई अमर दुबे की नाबालिग पत्नी

किशोर न्याय बोर्ड माती में गुरुवार को अमर दुबे की पत्नी कड़ी सुरक्षा में पेश की गई. पुलिस ने उस पर आठ नई धाराएं लगाई हैं. अब कुल धाराएं बढ़कर 17 हो गई हैं, जिसमें पुलिस ने उसका रिमांड मांगा और बोर्ड ने स्वीकार कर लिया. नई धाराओं में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और हत्यायुक्त डकैती समेत कई संगीन आरोप हैं. पहले लगी डकैती की धारा को हटा दिया गया है.

आरोपित के पिता ने धाराओं पर आपत्ति प्रस्तुत की है. किशोर न्याय बोर्ड को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिन धाराओं में रिमांड मांगा है, उनका कोई साक्ष्य नहीं है. बेटी को अमर दुबे की पत्नी लिखकर संबोधित करने पर भी आपत्ति जताई. कहा, यह किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन हैं. बोर्ड ने इस पर विवेचक को तीन दिनों में बिंदु़वार रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं.

कानपुर: महावीर अस्पताल का आईसीयू सील, फर्जी डाॅक्टर कर रहे थे इलाज

अमर दुबे की पत्नी पर बढ़ी धाराएं और सजा

बिकरु कांड के आरोपी अमर दुबे की पत्नी पर 8 अतिरिक्त धाराएं बढ़ाई गई हैं. इनमें धारा 332 लोक सेवक को भय में डालना ताकि कर्तव्य पालन न कर सके है जिस पर तीन साल तक की सजा व जुर्माना है. धारा 333 लोक सेवक को भय में डालकर चोट पहुंचाना, जिसमें सजा दस वर्ष तक व जुर्माना है.

धारा 353 लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए हमला, जिसमें दो वर्ष तक सजा व जुर्माना है. धारा 396 हत्यायुक्त डकैती, जिसमें सजा आजीवन कारावास व जुर्माना है. धारा 504 गाली गलौज, सजा दो वर्ष तक व जुर्माना है. धारा 506 जिसमें जान से मारने की धमकी है , इसमें सजा दो वर्ष तक व जुर्माना है. धारा 34 सामान्य आशय, घटना में सबसे बड़े अपराध की सजा के बराबर सजा का प्रावधान है. धारा 3/4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम है. धारा 3 में ऐसा कोई विस्फोटक जिससे जीवन को खतरा हो, इसमें सजा उम्रकैद तक व जुर्माना शामिल है.

धारा 4 में विस्फोटक अपने पास रखना ताकि दूसरे के जीवन को खतरा उत्पन्न हो, सजा दस साल तक व जुर्माना शामिल है.

पहले इन धाराओं में लिया था रिमांड

147- बलवा, 148- घातक हथियार से हमला, 149 - विधि विरुद्ध जमाव, 302 - हत्या, 307- हत्या का प्रयास, 395- डकैती, 120बी- षडयंत्र, 412- डकैती में मिली संपत्ति को पास रखना शामिल है.

वर्जन

किशोर न्याय बोर्ड में हत्यायुक्त डकैती समेत अन्य धाराओं पर आपत्ति जताई थी. इस पर बोर्ड ने बिंदुवार रिपोर्ट देने के आदेश विवेचक को दिए हैं. आरोपित की मनोवैज्ञानिक जांच के आदेश बोर्ड ने कर दिए हैं.

शिवाकांत दीक्षित, वरिष्ठ अधिवक्ता

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें