कानपुर के ईशान ने किया बड़ा काम, बनाया एप जो मास्क न लगाने वाले की देगा जानकारी

Smart News Team, Last updated: 26/10/2020 02:11 PM IST
एक ऐसा एप तैयार है जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ी मदद कर सकता है. उनके इस एप को हाल ही में अमेरिका में हुई प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला. इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि से ईशान अपने हमउम्र छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं. ईशान का यह एप कोरोना से बचाव में मददगार है.
कानपुर के 17 वर्षीय छात्र ईशान ने कोरोना से लड़ने के लिए एक एप बनाया है.

कानपुर.कानपुर के स्वरूपनगर निवासी 17 वर्षीय किशोर ईशान ने कम उम्र में बड़ा काम करके दिखाया है. उन्होंने एक ऐसा एप तैयार किया है, जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सहायता करेगा. ईशान के इस एप में यह खूबी है कि वह भीड़भाड़ वाली स्थानों के बारे में जानकारी देगा, साथ ही जो लोग मास्क नहीं लगाए हैं, उनके बारे में भी बताएगा. इससे कोरोना के खिलाफ कारगर तरीके से लड़ाई में मदद मिलेगी.

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ईशान सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में 12वीं के छात्र हैं. हाल ही में अमेरिका के हार्वर्ड और स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से कोरोना महामारी को लेकर प्रतियोगिता आयोजित हुई थी. ईशान ने उसमें अपने एप को पेश किया था. अगस्त में जब परिणाम आया तो ईशान को वैश्विक स्तर पर पहला स्थान मिला. 500 डॉलर और किंग जॉर्ज का मेडल भी मिला. ईशान ने अपने एप को वर्क डिको नाम दिया.  

ईशान के मुताबिक जहां सीसीटीवी लगे होती है, वहां उनका एप उसके जरिये डाटा लेकर यह बताने में सक्षम हो जाता है कि वहां कितनी भीड़भाड़ है. साथ ही ऐसे कितने लोग हैं, जो मास्क नहीं लगाए हैं. कम उम्र के ईशान की इस उपलब्धि की बड़ी सराहना हो रही है. उनके स्कूल की प्रधानाचार्य शिखा बनर्जी ने ईशान की प्रतिभा की तारीफ की और बधाई दी.

ईशान का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निग और कंप्यूटर विजन तकनीक के सहयोग से इस एप को बनाया गया है. उन्होंने डाटा तैयार कर क्लाउड सर्वर पर अपलोड किया तो रिजल्ट आने शुरू हो गए. फिलहाल एप को मॉल्स या स्टोर या अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे से जोड़ने पड़ते हैं. इसके बाद जिस स्थान पर एप का उपयोग कर रहे हैं, वहां का पूरा डाटा एक क्लिक पर मिल जाता है. एप यह भी बताता है कि जाने के लिए सबसे अच्छी जगह कहां है.

ईशान को लोगों की मदद करने में भी रुचि है. वह गरीब बच्चों की मदद के लिए वन बुक-वन स्माइल नाम से कम्युनिटी प्रोजेक्ट भी चलाते हैं. इसमें मेरठ, नोएडा, कोलकाता के छात्र भी जुड़े हैं.  

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