अयोध्या के दीपोत्सव आयोजन में दिखेगी कानपुर की मूर्तिकला

Smart News Team, Last updated: 23/10/2020 08:09 PM IST
  • उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा अनुरूप दीपावली से एक दिन पूर्व यानी नरक चतुर्दशी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में आयोजित होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम में कानपुर की मूर्ति कला को प्रदर्शित किया जाएगा.
अयोध्या दीपोत्सव का कार्यक्रम कानपुर के मूर्तिकार दिखाएंगे अपनी कला

कानपुर. लंका को जीतने के बाद भगवान राम के अयोध्या वापसी की मंगल घड़ी को दीप जलाकर अयोध्या वासियों ने स्वागत किया था. मान्यता है कि इसी दिन से सनातन धर्म के लोग दीपावली का त्यौहार मनाते चले आ रहे हैं. पहले की तरह इस बार की दीपावली में भी अयोध्या में दीपावली से एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी को उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस आयोजन में उत्तर प्रदेश ललित ललित कला अकादमी की ओर से दीपोत्सव के दिन अयोध्या में फाइन आर्ट के साथी मूर्ति कलाकार प्रदर्शन किया जाएगा.

इस दिन आशीर्वाद देते प्रभु श्री राम के अलावा संजीवनी बूटी लेकर जाते हनुमान जी, सीता हरण के समय रावण से युद्ध करता पक्षीराज जटायु, सेतु बनाने को समुद्र देव पर कुपित होते भगवान श्री राम, स्वर्ण मृग का पीछा करते भगवान राम, भरत मिलाप श्री राम पादुका राम केवट संवाद, शबरी प्रसंग, प्रभु राम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या का उद्धार के साथ ही राम रावण युद्ध के दृश्यों को मूर्ति के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा.

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श्री साहूजी महाराज कानपुर यूनिवर्सिटी कानपुर के फाइन आर्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर बृजेश स्वरूप कटियार ने बताया कि प्रोफेसर जीउत बली यादव ने ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित शिविर में प्रभु श्री राम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या के उद्धार का फाइबर ग्लास रंगों का प्रयोग कर मूर्ति बनाई है. इसके अलावा मूर्तिकला क्षेत्र से पोस्ट ग्रेजुएट के छात्र कुलदीप सरोज ने भगवान श्री राम के गोद में घायल जटायु के दृश्य को मूर्ति के रूप में ओके रहा है. विभागाध्यक्ष श्री कटिहार बताया कि विश्वविद्यालय के टीचरों और छात्रों की ओर से की गई कड़ी मेहनत से इन मूर्तियों को तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि ललित कला अकैडमी में दीपोत्सव कार्यक्रम के दिन प्रदेश भर के 30 कुशल मूर्तिकार मूर्ति तैयार कर देना जी जान एक किए हुए हैं.

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