कानपुर :बहनो से नहीं देखा गया अपने शहर का दर्द, अमेरिका से भेजी 10 बाइपैप मशीनें

Smart News Team, Last updated: Sat, 8th May 2021, 9:33 PM IST
  • भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की जानकारी होने के बाद भारतीय मूल के विदेश में रह रहे लोग इस संकट की घड़ी में अपनों की सुरक्षा करने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। विदेश में रहने वाले अब ऑक्सीजन और अन्य मेडिकल उपकरणों की कमी दूर करने के लिए भी सहयोग कर रहे हैं .
प्रतिकात्मक तस्वीर

कहते हैं हम अपनी जन्मभूमि व अपनो से कितने भी दूर क्यों ना हो जाए लेकिन प्यार हमेशा बना रहता है और ऐसे में जब हमारी जन्मभूमि के लोगों पर संकट आ जाए तो मन अपनों की तरफ दौड़ने लगता है , ऐसी ही एक कहावत उस वक्त देखने को मिली जब अमेरिका में रह रही दो डॉक्टर बहनों को  कानपुर में फैले संक्रमण से हो रही मौतों और ऑक्सीजन की कमी की बारे में जानकारी हुई तो उनका प्रेम उन्हें अपनों के पास खींचने लगा और उनसे' से रहा नहीं गया . उन्होंने ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की मदद करने की ठान ली और अमेरिका से हैलट अस्पताल को 10 बाइपैप मशीनें दान की हैं .

 

किदवई नगर के डेंटल सर्जन डॉ.आरबी जैन की बेटियाँ डॉ. मिली जैन और डॉ. जूही जैन अमेरिका में रहती है और दोनों बहने वहां की एक संस्था से जुड़ी हुई है और फिजीशियन के तौर पर कार्यरत हैं।डॉ. मिली जैन फिजीशियन और डॉ. जूही जैन मधुमेह रोग विशेषज्ञ हैं . कुछ दिन पूर्व उनके पिता डॉक्टर आरबी जैन कोरोना से संक्रमित हो गए थे जिन का इलाज कानपुर के हैलट में चल रहा था . इस दौरान दोनों बहनों का संपर्क लगातार अपने पिता व वहाँ के डॉक्टरों से होता रहता था . उनके पिता का संक्रमण ठीक होने के बाद उन्हें पूरे प्रोटोकॉल के साथ घर भेज दिया गया लेकिन इस दौरान उनके पिता और डॉक्टरों से कानपुर के हालात की जानकारी जब दोनों बहनों को मिली तो बहनों से रहा नहीं गया और उन्होंने इसके लिए अपने साथ पढ़ने वाले डॉक्टर डॉ. प्रज्ञनेश कुमार से बातचीत कर मदद करने की बात कही और फिर दोनों बहनों ने अमेरिका से ऑनलाइन आर्डर करते हुए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबंध हैलट अस्पताल को 10 बाइपैप मशीनें दान की हैं .

बाईपैप मशीनें वेंटिलेटर की तरह ही काम करती हैं . इनसे गंभीर रोगियों की जान बचाई जा सकेगी . जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो.आरबी कमल व हैलट अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना व अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञनेश कुमार ने 10 बाइपैप मशीने प्राप्त होने की पुष्टि की .

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