कानपुर: परिषदीय स्कूलों में भी प्रोजेक्टर और कम्प्यूटर से बच्चे करेंगे पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: 05/09/2020 03:24 PM IST
  • कानपुर नगर के परिषदीय स्कूलों  के छात्र भी अब कम्प्यूटर और प्रोजेक्टर से पढ़ाई करेंगे. एनजीओ और व्यक्तिगत भी लोग स्कूल को गोद ले सकेंगे. सीएसआर के तहत स्कूलों के लिए फंड जुटाने की योजना है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

कानपुर:  डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब हर परिषदीय स्कल में कम्प्यूटर, स्मार्ट टीवी और प्रोजेक्टर होंगे. परिषदीय स्कूल के छात्र भी बड़ी स्क्रीन पर रुचि लेकर विषय को समझ सकेंगे. सरकारी स्कूलों में यह सुविधाएं ऐसे व्यक्ति या संस्थान उपलब्ध होंगी जो उस स्कूल को गोद लेंगे.

जानकारी के मुताबिक अब शासन स्तर से कानपुर नगर के 280 स्कूलों को इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा मिलने वाली है. लेकिन अब शासन ने जो योजना बनाई है उससे सभी सुविधाएं हर परिषदीय स्कूल तक पहुंचाने की है. यह जिम्मेदारी जिलाधिकारी को सौंपी गई है. उन्हें बताया गया है कि किस तरह सभी सुविधाएं स्कूलों को मिल सकती हैं. जिलाधिकारी के मुताबिक कारपोरेट सोशल रेस्पॉंसिबिल्टी (सीएसआर) फंड से स्कूलों को डिजिटल सुविधाएं दिलाई जाएंगी. कंपनियां इन स्कूलों को गोद ले लेंगी. उपकरणों आदि की खरीद और रख-रखाव में इस फंड का उपयोग किया जाएगा.स्कूल गोद लेने वाली कंपनियों की पहचान करने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी.

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परिषदीय स्कूलों को सुविधाएं देने वालों में एनजीओ और व्यक्तिगत रूप से कोई भी हो सकता है.  स्कूलों को गोद लेने वाले एनजीओ को स्कूल में कम्प्यूटर, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टीवी और अन्य उपकरण आदि उपलब्ध कराने होंगे. स्कूलों के डिजिटलीकरण के पीछे लक्ष्य यह है कि दीक्षा आदि के लिए जो वीडियो आदि तैयार किए गए हैं, उसे बच्चों को बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जाए और पढ़ाया जा सके. बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पवन कुमार तिवारी कहना है कि इससे स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी.

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