कांच और मीनाकारी से बने जैन मंदिर की खूबसूरत कारीगरी पर्यटको में है मशहूर

Smart News Team, Last updated: Sat, 10th Jul 2021, 7:02 PM IST
  • कानपुर का कांच का मंदिर जो कि 150 वर्ष पूर्व बनवाया गया था. यह मंदिर अपनी वास्तुकला और कांच से हुई नक्काशियों के लिए खूब जाना जाता है. जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है, कानपुर का यह मंदिर कांच के टुकड़ों से बना हुआ है तो वहीं इसका फर्श सफेद संगमरमर से तैयार किया गया है जो बेहद खूबसूरत लगता है.
यह मंदिर अपनी वास्तुकला और कांच से हुई नक्काशियों के लिए खूब जाना जाता है. (Credit: Kanpur Tourism Official Site)

कानपुर शहर अपने इतिहास, संस्कृति और इमारतों के लिए खूब जाना जाता है. किले हों या पार्क, कानपुर शहर में घूमने के लिए कई पर्यटक स्थल भी हैं. वहीं कुछ जगहें कानपुर में ऐसी भी हैं जो पर्यटकों को हैरान करके भी रख सकती हैं. इन्हीं में से एक है कानपुर का कांच का मंदिर जो कि 150 वर्ष पूर्व बनवाया गया था. यह मंदिर अपनी वास्तुकला और कांच से हुई नक्काशियों के लिए खूब जाना जाता है. जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है, कानपुर का यह मंदिर कांच के टुकड़ों से बना हुआ है तो वहीं इसका फर्श सफेद संगमरमर से तैयार किया गया है जो कि देखने में काफी खूबसूरत लगता है.

कानपुर का यह कांच का मंदिर एक जैन मंदिर है जिसे जैन समुदाय द्वारा उनके धर्म के 24 तीर्थकरों की स्मृति में बनवाया गया था. यहां भगवान महावीर और तीर्थकरों की मूर्तियां रखी गई हैं. बताया जाता है कि मंदिर में रखी गईं मूर्तियां एक विशाल छतरी के नीचे संगमरमर पर खड़ी की गई हैं.

मंदिर की संपूर्ण संरचना कांच और मीनाकारी से हुई है जिसे पारंपरिक वास्तुकला शैली के जरिए तैयार किया गया है. (Credit: Kanpur Tourism Official Site)

मंदिर की संपूर्ण संरचना कांच और मीनाकारी से हुई है जिसे पारंपरिक वास्तुकला शैली के जरिए तैयार किया गया है. यह मंदिर कानपुर आने वाले लोगों को अपनी ओर खूब आकर्षित करता है. मंदिर की दीवारों को कटे हुए कांच से बड़े ही कलात्मक ढंग से सजाया गया है. इसके साथ ही दीवारों पर कांच के भित्ति चित्र भी बने हुए हैं जो जैन ग्रंथों में निहित शिक्षाओं को भी चित्रित करते हैं. इसके अलावा मंदिर में बनाई गई मेहराब को भी शीशे से ही सजाया गया है जो कि देखने में काफी खूबसूरत लगता है.

कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण रघुना प्रसाद भंडारी ने कोलकाता के बड़ा बाजार में स्थित मंदिर की तर्ज पर करवाया था. मंदिर के बीच एक बगीचा भी मौजूद है जो इसे और भी आकर्षक रूप देता है.

कानपुर का यह कांच मंदिर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम चार बजे से 5 बजे तक खुला रहता है. (Credit: Kanpur Tourism Official Site)

कानपुर का यह कांच मंदिर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम चार बजे से 5 बजे तक खुला रहता है. इसमें प्रवेश करने के लिए किसी भी तरह का भुगतान करने की जरूरत नहीं है, साथ ही मंदिर परिसर में घूमने व यहां से जुड़ी तमाम जानकारियां लेने के लिए 1 से 2 घंटे का समय काफी होता है.

कैसे पहुंचें: कानपुर एयरपोर्ट से कांच मंदिर की दूरी महज 11 किलोमीटर है, ऐसे में निजी वाहन या सार्वजनिक वाहन करके यहां तक पहुंचा जा सकता है. इसके अलावा कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 1.5 से 3 किलोमीटर की है, जिससे पर्यटक पैदल भी यहां 20 से 25 मिनट में पहुंच सकते हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें