कानपुर: चिड़ियाघर में दो मुर्गे मरे, बर्ड फ्लू के डर से प्रशासन ने छह मार दिए

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 8:04 AM IST
  • देश में बर्ड फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. दरअसल, कानपुर चिड़ियाघर में बुधवार रात दो मुर्गों (कड़कनाथ) के मरने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बर्ड फ्लू के डर से छह अन्य मुर्गे प्रशासन ने खुद मरवा दिए.
बर्ड फ्लू के डर से छह अन्य मुर्गे प्रशासन ने खुद मरवा दिए

कानपुर: देश में बर्ड फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. दरअसल, कानपुर चिड़ियाघर में बुधवार रात दो मुर्गों (कड़कनाथ) के मरने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बर्ड फ्लू के डर से छह अन्य मुर्गे प्रशासन ने खुद मरवा दिए. चिड़ियाघर प्रशासन को यह तो नहीं पता कि कड़कनाथ मुर्गों की मौत कैसे हुई थी, लेकिन दूसरे पक्षियों को किसी तरह का नुकसान न हो, इसलिए उन्गोंने एहतियातन बचे मुर्गों को मरवाने के बाद वैज्ञानिक तरीके से जलवा दिया.

बता दें, चिड़ियाघर में मंगलवार रात भी दो मुर्गों और दो तोतों की मौत हुई थी जिनके शव भोपाल जांच सेंटर भेजे गए हैं. चिड़ियाघर में छह जंगली मुर्गे, दो कड़कनाथ और दो फार्मी मुर्गे थे. उनके आसपास अन्य पक्षियों के भी बाड़े हैं. गुरुवार सुबह जब कीपर बाड़ों की सफाई करने गए तो दो कड़कनाथ मुर्गे मरे मिले. इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों ने बचे छह मुर्गों को खुद मरवा दिया. मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा, मंडल अपर निदेशक पशु एसपी वर्मा, वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह, पशु विभाग के डॉक्टरों की छह टीमों के साथ पहुंचकर बाड़ों का निरीक्षण किया. आसपास के पक्षियों का मल, बाड़ों की मिट्टी का सैंपल लिया है.

इस मामले में चिड़ियाघर के महानिदेशक, एके सिंह ने कहा कि बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए बाड़े में बचे छह मुर्गों को मरवा दिया गया है ताकि आसपास के बाड़ों के पक्षियों पर किसी तरह का खतरा न मंडराए. दो दिन में चार मुर्गों की मौत होना खतरे के संकेत हैं. भोपाल से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण पता चलेगा.

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