अनाज सड़ गया तो कोई बात नहीं एनएसआइ तैयार करेगा एथेनॉल

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Nov 2020, 6:25 PM IST
  • अनाज सड़े या खराब हो जाये अब किसानों या आढ़तियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.इसका विकल्प अब खोज लिया गया है.
अनाज सड़े या खराब हो जाये अब किसानों या आढ़तियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है

कानपुर. सड़े व खराब हो चुके अनाज से अब पेट्रोल में मिलाया जाने वाला एथेनॉल बनाया जाएगा. इसकी शुरुआत कानपुर के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान से हो चुकी है यहाँ पर इसके लिए प्रोसेसिंग यूनिट भी लग गयी है. संस्थान में चीनी मिलों और अन्य औद्योगिक कर्मिकों के लिए थोड़े समय का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें उन्हेंं यूनिट संचालित करने और उसके फंक्शन की पूरी जानकारी दी जाएगी. कई अन्य देशों सहित अपने देश में भी इस पर काम शुरू हो गया है. अनाज से एथेनॉल बनाने से किसानों को भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा. अनाज सडऩे या खराब होने पर इसका उपयोग किया जा सकेगा.

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआइ) में अनाज से एथेनॉल बनाने का उत्पादन शुरू कर दिया गया है. संस्थान में अनाज आधारित इथेनॉल इकाई करीब 75 लाख की लागत से स्थापित हुई है. इसके बनने से छात्रों और शोधार्थियों को शिक्षण के साथ रिसर्च में भी लाभ मिलेगा.

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गुरुवार को इसका उद्धघाटन हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर प्रो. एन बी सिंह ने किया. उन्होंने बताया कि 2030 तक पेट्रोल के आयात में कमी लाने के लिए इथेनॉल के उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है. ग्रीन फ्यूल के वैकल्पिक संसाधन तलाशे जा रहे हैं. पेट्रोल में 10 फीसद इथेनॉल को मिलाने के लिए प्रति वर्ष 360 करोड़ लीटर की आवश्यकता है. कहा कि मौजूदा समय में ईंधन के वैकल्पित स्रोत की तलाश करना बेहद जरूरी हो गया है.

एथेनॉल के उत्पादन से वायु प्रदूषण पर काफी हद तक लगाम लग सकेगी. एनएसआइ का यह बेहतर प्रयास है. यूनिट स्थापित हो जाने के बाद बेहतर रूप से कार्य को अंजाम दिया जाएगा. इसके अलावा छात्रों को सीखने और भविष्य में काम करने के लिए सहायता मिलेगी.

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