जीएसवीएम मेडिकल कालेज में जल्द शुरू होगा रूसी वैक्सीन का ट्रायल

Smart News Team, Last updated: Thu, 29th Oct 2020, 1:20 PM IST
  • फेज थ्री परीक्षण के तहत मेडिकल सेंटर में 200 वालंटियर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी. इसके बाद वालंटियर्स पर हुए वैक्सीन के असर पर अध्ययन कर उनकी जाँच रिपोर्ट आइसीएमआर को भेजी जाएगी.
रूस की कोरोना वैक्सीन के फेज़ थ्री ट्रायल के लिए कानपूर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज को चुना गया

कानपुर. रूस की कोरोना वैक्सीन के फेज़ थ्री ट्रायल के लिए चुने गए देश के 12 केंद्रों में कानपुर का जीएसवीएम मेडिकल कालेज भी शामिल है. मेडिकल कालेज में अब रूस की वैक्सीन के ट्रायल की तैयारी शुरू हो गई है. फेज थ्री के ट्रायल के लिए वालंटियर्स का पंजीयन भी शुरू कर दिया गया है. फेज थ्री परीक्षण के तहत मेडिकल सेंटर में 200 वालंटियर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी. इसके बाद वालंटियर्स पर हुए वैक्सीन के असर पर अध्ययन कर उनकी जाँच रिपोर्ट आइसीएमआर को भेजी जाएगी. बताया जा रहा है कि नवंबर के पहले सप्ताह से ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है.

देश के बाकी सेंटरों सहित कानपुर मेडिकल कालेज में ट्रायल की जाने वाली रूस की कोरोना वैक्सीन का नाम स्पूतनिक-वी रखा गया है जिसका अर्थ रूसी भाषा में सैटेलाइट होता है. रूसी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल हेतु चीफ गाइड नियुक्त हुए.

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉ सौरभ अग्रवाल ने बताया कि रूस की वैक्सीन के फेज थ्री ट्रायल के लिए बनाये गए 12 सेंटरों में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को भी चुना गया है.देश के सभी सेंटरों पर एक साथ ट्रायल शुरू होना है. यहाँ की अनुमति के लिए एथिकल कमेटी में आवेदन किया जा चुका है. कमेटी से अनुमति मिलने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह से ट्रायल शुरू किया जाएगा. आपको बता दें कि रूस में तैयार कोरोना की स्पूतनिक-वी वैक्सीन के फेज थ्री के ट्रायल के लिए भारत में फार्मा कंपनी डॉक्टर रेड्डी लैब्स से अनुबंध हुआ है. इसके क्लीनिकल ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भी अनुमति दे दी है और वहीं आइसीएमआर से भी सहमति मिल चुकी है. जीएसवीएम मेडिकल कालेज सहित देश भर के 12 सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में अब एक साथ जल्द परीक्षण शुरू होगा.

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