कानपुर: साइबर सुरक्षा हैकाथॉन 2020 में आईआईटी दिल्ली की टीम बाइट बनी विजेता

Smart News Team, Last updated: 16/08/2020 09:26 PM IST
  • 45 दिनों से चल रही इस इवेंट की वेबसाइट पर 50000 से अधिक लोगों ने किया प्रतिभाग 12 देशों के 12500 छात्रों के पेशेवरों और स्टार्टअप ने लिया हिस्सा दूसरा पुरस्कार ढाका विश्वविद्यालय से टीम डीयूट्ठएपोफिस और तीसरा पुरस्कार आईआईटी दिल्ली से टीम सारानी ने जीता
प्रतीकात्मक तस्वीर 

कानपुर। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के इरादे से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा हैकाथॉन में दिल्ली की टीम विजेता बनी. हैकाथॉन में पहला पुरस्कार आईआईटी दिल्ली से टीम बाइट ने अपने नाम किया.

बता दें कि करीब 45 दिनों से इस इवेंट की वेबसाइट पर 50,000 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया. हैकाथॉन के दौरान आयोजित पांच वेबिनार और कार्यशालाओं में 500 से अधिक की उपस्थिति रही. हैकाथॉन में 2100 से अधिक कॉलेजों और भारत समेत 12 देशों के 12,500 छात्रों, पेशेवरों और स्टार्टअप ने हिस्सा लिया.

इवेंट में दूसरा पुरस्कार ढाका विश्वविद्यालय से टीम डीयूट्ठएपोफिस और तीसरा पुरस्कार आईआईटी दिल्ली से टीम सारानी ने जीता. आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो गणेश बतौर मुख्य अतिथि व डॉ सौरभ श्रीवास्तव उद्यमी, एंजेल इन्वेस्टर, ज्यूरी के वीसी और अध्यक्ष ने समारोह की अध्यक्षता की.

सी थ्री आई हब आईआईटी के संयुक्त समन्वयक प्रो संदीप शुक्ला बताया कि हैकाथॉन के साथ हमने 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने का एक आह्वान भी किया है, जहां संभावित रूप से न केवल फिनटेक स्टार्ट-अप से स्थानांतरित होने का अवसर है, बल्कि भारत में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र, जो कि अभी व्यापक दृष्टि से उभरता हुआ क्षेत्र है. हमारे पहले कुछ स्टार्टअप ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है.

उन्होने बताया कि इस हैकाथॉन को आईआईटीके सीथ्रीआई हब में प्रोफेसरों द्वारा डिजाइन किया गया था. भाग लेने वाली टीमों के पास किसी दिए गए व्यावहारिक समस्या के लिए मजबूत साइबर रक्षा समाधानों की पहचान, निर्माण और परीक्षण करने का अवसर था. इस प्रक्रिया में उन्हे आईआईटी कानपुर सीथ्रीआई हब के प्रख्यात संकाय द्वारा सलाह प्राप्त करने का अवसर मिला था.

साइबर सुरक्षा पर आईआईटी कानपुर सीथ्रीआई हैकथॉन एक अभूतपूर्व सफलता रही है. यह हैकाथॉन इस मायने में अनूठा था कि इसने प्रतिभागियों को साइबर हमलों के खिलाफ समाधान बनाने के लिए कहा गया.

प्रतियोगिता बहुत ही जटिल थी जिसमें टूल्स बनाने के लिए टीमों ने वास्तव में कड़ी मेहनत की. प्रोफेसर संदीप शुक्ला द्वारा टीमों को प्रदान की गयी सलाह बहुत ही उत्कृष्ट थी जिसे बहुत सराहा गया, प्रतियोगिता के अलावा यह हैकाथॉन इस क्षेत्र में इच्छुक प्रतिभागियों के लिए सीखने का एक शानदार अनुभव था.

प्रो गणेश ने एचसीएल हैक आईआईटी के 2020 की अभूतपूर्व सफलता के लिए आयोजन समिति को बधाई दी, जो उद्योग प्रायोजकों, संरक्षकों , नॉलेज पार्टनर्स, ज्यूरी सदस्यों और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस हैकाथॉन से साइबर हमलों के खिलाफ योद्धा पैदा करने में मदद मिलेगी.

डॉ सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि मैं न केवल विजेताओं बल्कि आप सभी को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने प्रतिस्पर्धा की. मैं निवेदन करता हूं कि आप अपनी विशेषज्ञता बढ़ाते रहें और भारत को विश्व मानचित्र पर एक ऐसे देश के रूप में रखें, जिसे साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी गिना जाए.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें