किसान ने खोज ली अनोखी टेक्नीक, VR में जंगल, हरियाली देख ज्यादा दूध देने लगी गाय

Swati Gautam, Last updated: Sun, 9th Jan 2022, 5:19 PM IST
  • तुर्की में एक किसान ने अपनी गायों को ज्यादा से ज्यादा दूध देने के लिए एक एक्सपेरिमेंट किया जिसमें उसने अपनी गायों के आंखों पर वीआर हेडसेट लगा दिया. इससे गाय के आंखों के सामने केवल खुले खेतों का दृश्य चलता रहता था और उन्हें अहसास होता था कि वे तेज धूप के नीचे हरे-भरे चरागाह घूम रही हैं. इससे प्रभावित होकर गाय ने दूध उत्पादन को 22 लीटर से बढ़ाकर 27 लीटर प्रतिदिन कर दिया.
किसान ने खोज ली अनोखी टेक्नीक, VR में जंगल, हरियाली देख ज्यादा दूध देने लगी गाय. photo- social media

कानपूर. तुर्की में एक किसान ने अपनी गायों को ज्यादा से ज्यादा दूध देने की अनूठी और आसान तकनीक खौज निकाली है जिसे आप भी सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे. दरअसल अक्सराय के रहने वाले इज़्ज़त कोकाक ने अपनी गायों को खुले आसमान में तेज धूप और खेतों का अहसास दिलाने के लिए उनके आंखों पर वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट् लगा दिया. इससे गाय के आंखों के सामने केवल खुले खेतों का दृश्य चलता रहता था और उन्हें अहसास होता था कि वे तेज धूप के नीचे हरे-भरे चरागाह घूम रही हैं. इस तकनीक से सभी गाय प्रभावित हुई और गायों ने अपने दूध उत्पादन को 22 लीटर से बढ़ाकर 27 लीटर प्रतिदिन कर दिया.

कोकाक का कहना है कि उन्हें एक अध्ययन से पता चला था कि हर भरा दृश्य और बाहरी ध्वनियां गायों को खुश करती हैं और वे अधिक दूध भी देती हैं. जिसके बाद उन्हें यह आइडिया आया कि क्यों न वीआर चश्मे का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्हें अपनी गाय पर एक्सपेरिमेंट करते हुए उनकी आंखों पर वीआर फिट किया और गायों को फील कराया कि वे तेज धूप के साथ हरे-भरे खेतों में हैं. उन्होंने कहा कि इससे उनकी गाय पर असर पड़ा. उन्होंने देखा कि उनकी गायें इस एक्सपेरिमेंट से प्रभावित हो रही हैं. इसके बाद गायों ने अपने दूध उत्पादन को 22 लीटर से बढ़ाकर 27 लीटर प्रतिदिन कर दिया.

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कोकाक ने बताया कि VR हेडसेट्स को Krasnogorsk फ़ार्म में पशु चिकित्सकों, सलाहकारों और डेवलपर्स द्वारा विकसित किया गया था. क्योंकि हार्डवेयर मानव शरीर पर पहनने के लिए बना होता है. डेवलपर्स ने वीआर को गाय के सिर के अनुसार ढाला और विशेषज्ञों ने वीआर हेडसेट को गाय की दृष्टि के लिए अधिक उपयुक्त बनाने के लिए सॉफ्टवेयर में रंग पैलेट को बदल दिया. उन्होंने बताया कि रंगों को बदलना जरूरी था क्योंकि गायों को लाल या हरा नहीं दिखाई देता है. गायों के लिए वीआर बनने के बाद एक्सपेरिमेंट सफल रहा और उसने गायों के दूध देने की क्षमता पर प्रभाव डाला. कोकाक ने कहा कि वह VR चश्मे से इतना संतुष्ट है कि वह दस और खरीदने की योजना बना रहे हैं.

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