कानपुर: माउथ फ्रेशनर कंपनी के गोदाम में लगी आग, इलाके के लोगों में मची अफरा-तफरी

Smart News Team, Last updated: 25/11/2020 10:03 PM IST
  • बुधवार की सुबह एक माउथफ्रेशनर कंपनी के गोदाम में आग लग गई. वहां रखे केमिकल और सुपारी जैसे लाखों का सामान जलकर राख हो गया. गोदाम से उठते धुएं और लपटों को देखकर लोगों ने फायरब्रिगेडड़ को सूचित किया. सीताराम मुहाल में एक माउथ फ्रेशनर कंपनी के कारोबारी शिवप्रसाद गुप्ता का गोदाम है. वहां पर सुपारी और केमिकल जैसे सामान रखे जाते हैं. बुधवार की सुबह वहां अचानक आग लग गई. धुआं और लपटें उठती देख इलाके के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया.
  • कोरोना संक्रमण में वायरल लोड दो दिन में इतना अधिक बढ़ रहा है कि डॉक्टर भी भौचक हैं. कुछ मरीज आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट नेगेटिव लेकर आते हैं लेकिन सिटी स्केन और एक्सरे में हालत गंभीर और वायरल लोड अधिक बताता है. मरीज भर्ती होते हैं और एंटीजन रिपोर्ट में पॉजिटिव मिलते हैं. हैलेट और उर्सला अस्पताल में रोजाना दो से चार केस ऐसे सामने आते हैं. वहीं 24 घंटे में कोरोना अपडेट में एक संक्रमित की मौत हो गई और 89 नए मरीज मिले. कानपुर में मरने वालों की कुल संख्या 771 पहुंच गई है.
  • रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि कानपुर के साथ जुड़ गई है. रक्षा के क्षेत्र में शहर की कंपनी एमकेयू एल्फी नाइट विजन डिवाइज बनाएगी, इसमें तकनीकि सहयोग फ्रांसिसी कंपनी थिल्स करेगी. यह डिवाइस सेना की ताकत को रात में कई गुणा बढ़ा देगी. सोमवार को नोएडा के भारतीय यूनिट के कार्पोरेट कार्यालय में इसका उद्घाटन हुआ था. यह डिवाइज कानपुर में ही तैयार की जाएगी.
  • संस्थागत प्रसव के लिए प्रसूताओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए सालों से चल रहे आशाओं का नेटवर्क धड़ाम है. 89 फीसदी प्रसूताएं अपने आप ही अस्पताल पहुंचती हैं. आशाओं का अता पता नहीं रहता जबकि शहर में और ग्रामीण क्षेत्र में 1900 आशा वर्करों का संजाल है. सबसे अधिक मौत प्रसूताओं की खून की कमी की वजह से होती है. गांवों में 20 से 30 वर्ष की साठ फीसदी प्रसूताओं की मौत रिकार्ड की गई. यह खुलासा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की स्टडी में हुआ है.

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