लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों की 100 से ज्यादा ITI तीन साल के लिए डिबार

Smart News Team, Last updated: Sat, 24th Oct 2020, 4:14 PM IST
सूबे के निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के तय मानक नहीं पूरा करने पर सरकार ने पंजीकरण रद् कर दिया है। नए प्रवेश लेने पर भी रोक लगा दी है। इन संस्थानों को अब तीन वर्ष बाद नए सिरे से मान्यता प्राप्त लेने के लिए आवेदन करना होगा। पहले से प्रशिक्षण ले रहे छात्रों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
आईटीआई में प्रशिक्षण के दौरान सीखते छात्र

लखनऊ.प्रदेश के युवाओं में कौशल विकास करने और रोजगार उपलब्धकराने के उद्देश्य से स्थापित किए गए 105 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को सरकार ने डिबार कर दिया। इन संस्थानों में लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर आदि जिलों के निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं।

इन संस्थानों पर आरोप है कि ये स्थापित मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय ने एक आदेश जारी कर कहा है कि अगले तीन वर्षों तक ये संस्थान न ही नया प्रवेश ले सकते हैं और न ही प्रशिक्षण कार्य कर सकते हैं। इन संस्थानों की मान्यता महानिदेशालय ने तीन वर्षों के लिए स्थगित कर दी है। अब ये संस्थान 2022 के बाद ही फिर से मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उसके बाद महानिदेशालय सभी मानकों पर संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें दोबारा प्रवेश लेने और प्रशिक्षण देने के लिए अनुमति दे सकता है।

महानिदेशालय की ओर से बताया गया है कि यह रोक सत्र 2020 से लगाई गई है। यानी ये संस्थान अब अगला प्रवेश नहीं ले सकेंगे, लेकिन जो छात्र-छात्राएं पहले से यहां पढ़ रहे हैं, उनका कोर्स इन्हें पूरा कराना होगा। उनके सर्टिफिकेट में मान्यता रद्द होने का कोई असर नहीं होगा।

महानिदेशालय का कहना है कि प्रतिबंधित किए गए कई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों ने तय मानकों को कागज में दुरुस्त रखे थे, लेकिन जमीनी स्तर पर वे उसको पूरा नहीं कर रहे थे। इसको लेकर कई शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद प्रदेश के 105 संस्थानों को तीन साल के लिए डिबार कर दिया गया। अब इन संस्थानों को मानक पूरे करके 2022 के बाद नए सिरे से आवेदन करना होगा। फिलहाल जो विद्यार्थी यहां पर पहले से कोर्स कर रहे हैं, उनकी पढ़ाई, परीक्षा और सर्टिफिकेट पर इस रोक का कोई असर नहीं पड़ेगा। इन संस्थानों को उनका कोर्स पूरा कराना होगा।

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