लखनऊ: जमीन दिलाने का झांसा देकर रिटायर्ड दरोगा से हड़प लिए 20 लाख, केस दर्ज

Smart News Team, Last updated: Sun, 22nd Aug 2021, 6:37 AM IST
  • लखनऊ में रिटायर्ड दरोगा से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. कहा जा रहा है कि फर्जी प्रॉपर्टी डीलरों ने जमीन के झूठे कागज़ रिटायर्ड दरोगा को दिखाकर 20 लाख रुपये हड़प लिए. पीड़ित की शिकायत के आधार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.
लखनऊ: जमीन दिलाने का झांसा देकर रिटायर्ड दरोगा से हड़प लिए 20 लाख, केस दर्ज

लखनऊ. लखनऊ में जमीन दिलाने के नाम पर प्रॉपर्टी डीलरों ने रिटायर्ड दरोगा से 20 लाख रुपये हड़प लिए. जमीन के फर्जी कागजात दिखाकर आरोपियों ने पहले भरोसा जीता. फिर रुपए मिलने के बाद रजिस्ट्री कराने में हीलाहवाली करने लगें. धोखाधड़ी का आभास होने पर पीड़ित दरोगा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीजीआई कोतवाली पुलिस ने पीड़ित दरोगा की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

बनारस के रहने वाले विंदेश्वरी सिंह दो साल पहले लखनऊ के वृंदावन कॉलोनी स्थित दामाद के घर आए थे. विंदेश्वरी लखनऊ में जमीन तलाश रहे थे. इस सिलसिले में उनकी मुलाकात अंजनी बिल्डर्स के मालिक सुनील और रायबरेली निवासी दिलीप तिवारी से हुई थी. प्रॉपर्टी डीलरों ने लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विकास की योजना में जमीन दिलाने का भरोसा दिया. 

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रजिस्ट्री के लिए बोला तो करने लगे टालमटोल 

आरोप है कि डीलरों ने विंदेश्वरी को एलडीए की जमीन के फर्जी कागज दिखाकर 20 लाख रुपयों में सौदा तय किया. विंदेश्वरी ने भी जमीन की बगैर जांच-पड़ताल किए भरोसा कर लिया. विंदेश्वरी ने नवंबर 2019 से मार्च 2020 के बीच तीन किस्तों में प्रापर्टी डीलरों को रुपये दिए थे। जब रजिस्ट्री कराने की बारी आई तो प्रॉपर्टी डीलरों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया. विंदेश्वरी ने जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रॉपर्टी डीलरों से कहा तो वह टालमटोल करने लगे.

कागजों की जांच से पकड़ में आया मामला 

विंदेश्वरी के मुताबिक रुपए मिलने के बाद सुनील और दिलीप तिवारी के मोबाइल नंबर अक्सर बंद रहते थे. ऐसे में विंदेश्वरी को ठगे जाने का अहसास हुआ. उन्होंने तुरंत कागजों की जांच करवाई. तब उन्हें जमीन के फर्जी कागज होने की जानकारी मिली. ठगी का शिकार हुए रिटायर्ड दरोगा ने धोखाधड़ी की पूरी जानकारी पुलिस को बताई. पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर पीजीआई कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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