लखनऊ: चार प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के 48 मरीजों की मौत से हड़कंप, DM ने मांगा जवाब

Smart News Team, Last updated: 23/09/2020 08:56 PM IST
लखनऊ के चार सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल अपोलो, चरक, चंदन और मेयो में कोरोना के 48 मरीजों की मौत से प्रशासन सख्त हुआ है. जिला प्रशासन ने इन अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
लखनऊ के चार अस्पतालों में 48 कोरोना मरीजों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया.

लखनऊ. प्रदेश की राजधानी में कोरोना संक्रमण फैलता जा रहा है. हर रोज मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. इस बीच शहर के चार बड़े प्राइवेट अस्पतालों में 48 कोरोना मरीजों की मौत से जिला प्रशासन सख्त हुआ है. डीएम ने चारों अस्पतालों से इन मौतों को जवाब मांगा है. वहीं कमिश्नर और जिलाधिकारी ने मेयो अस्पताल का औचक निरीक्षण किया.

शहर के अपोलो हास्पिटल में सबसे ज्यादा 17 कोरोना मरीजों की मौत हुई है. इसके अलावा मेयो में 10, चरक अस्पताल में 10 और चंदन अस्पताल में 11 कोरोना मरीजों की मौत हो गई. डीएम ने चारों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मरने वालों मरीजों को गैर-कोविड अस्पताल से कोविड अस्पताल स्थानांतरित किया गया था. 

यूपी: भ्रष्टाचार के दो आरोपी IPS अफसरों के खिलाफ FIR, एंटी करप्शन एक्ट में केस

इन मौतों पर डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा कि इन सभी मौतों में अस्पताल की लापरवाही दिखाई दे रही है. जो कारण अभी तक पता चले हैं उनमें मरीज का कोविड टेस्ट देरी से कराना, टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद भी समय से मरीज को इलाज के लिए कोविड-19 अस्पताल नहीं भेजना और अस्पताल में कोविड दिशा-निर्देशों के अनुसार मानकों के अनुरूप कार्य न होना शामिल है.

कोरोना काल में लखनऊ के KGMU और PGI में अक्टूबर से शुरू होगी ओपीडी

कमिश्नर और डीएम अभिषेक प्रकाश ने मेयो अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. हाल ही इस अस्पताल में एक मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया था. परिजनों का कहना था कि तीन दिन के इलाज का तीन लाख का बिल बनाया गया है. सरकार ने कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए अधिकतम कीमत 18,000 रुपए दिन तय की है. जिसकी जांच अभी चल रही है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें