एयरपोर्ट पर कोरोना जांच के नाम पर वसूले जा रहे 900 रुपये, यात्रियों ने की शिकायत

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Mar 2021, 11:04 AM IST
  • एयरपोर्ट पर कोरोना जांच के नाम पर 900 रुपये फीस लेने पर यात्रियों ने शिकायत दर्ज की है. यात्रियों का कहना है कि अधिकतर बाहर से आने वाले लोग गरीब वर्ग है. जिनके पास जांच के लिए इतना पैसा नहीं है. इसके अलावा उनकी यह भी शिकायत है कि जांच के सरकारी काउंटर पर अक्सर कर्मचारी गायब रहते है.
एयरपोर्ट पर कोरोना जांच के लिए 900 रुपये फीस पर यात्रियों ने की शिकायत

लखनऊ. विदेश से लौट रहे यात्रियों से कोरोना जांच के नाम पर 900 रुपये की वसूली की जा रही है. कोरोना जांच के लिए एयरपोर्ट पर बने निजी लैब काउंटर पर 90 फीसदी यात्रियों की जांच हो रही है. जहां प्रत्येक यात्री को जांच के लिए 900 रुपये देने पड़ रहे है. इसको लेकर यात्रियों ने शिकायत की है कि अधिकतर बाहर से आने वाले यात्री गरीब वर्ग के है. जो अरब देशों में नौकरी करते है. उनके पास जांच के लिए इतना पैसा नहीं है.

दरअसल कोरोना जांच के लिए एयरपोर्ट पर दो काउंटर बनाए गए है. जिनमें से एक काउंटर सरकारी और दूसरा निजी लैब का है. सरकारी लैब काउंटर पर यात्रियों की जांच मुफ्त में की जा रही है. लेकिन निजी लैब पर प्रत्येक यात्री को 900 रुपये जांच के लिए देने पड़ रहे है. जिनमें से सिर्फ 10 फीसदी लोगों की ही सरकारी काउंटर पर जांच हो रही है. 

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यात्रियों का कहना है. निजी लैब आगे और सरकारी पीछे होने के कारण यात्रियों के उतरते ही निजी लैब के कर्मचारी उन्हें सुरक्षा कर्मियों की मदद से जांच के लिए मजबूर करते है. इसके अलावा सरकारी लैब पर अक्सर कर्मचारी गायब रहते है. जिस कारण उन्हें मजबूरन जांच के 900 रुपये देने पड़ते है. इसे लेकर यात्रियों ने यह भी शिकायत की है कि जब यात्रा के 72 घंटे पहले लोगों को अपने खर्च पर कोरोना जांच करानी होती है, तो यात्रा के बाद दोबारा आरटीपीसीआर जांच के लिए उनसे इतने रुपये क्यों लिए जा रहे है. 

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यात्रियों ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर लगातार शिकायत दर्ज करने के साथ ही अलग से भी शिकायत दर्ज की है. इस संबंध में सीएमओ डॉ. संजय भटनागर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की डेस्क पर मुफ्त जांच की व्यवस्था है जहां छह पैरामेडिकल कर्मी मौजूद रहते है. कमजोर आय के यात्री इस डेस्क पर जाकर जांच करा सकते है.

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