फिल्मी है प्यार-मोहब्बत, रिसर्च के मुताबिक 93 फीसदी लोग करते हैं अरेंज मैरेज

Atul Gupta, Last updated: Fri, 10th Dec 2021, 5:59 PM IST
  • हिंदी सिनेमा में भले ही कितनी ही लव स्टोरी बने लेकिन असल जिंदगी में लोगों की जोड़ी परिवार वाले ही बनाते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक 93 फीसदी लोग अरेंज मैरेज करते हैं और सिर्फ 3 फीसदी लोग ही लव मैरेज करते हैं.
लव मैरेज बनाम अरेंज मैरेज (फोटो-सोशल मीडिया)

लखनऊ: हिंदी फिल्मों की कहानियों में अक्सर प्यार-मोहब्बत-इश्क भरपूर मात्रा में होती है. युवाओं को भी अक्सर लव स्टोरी ज्यादा पसंद आती है लेकिन असल जिंदगी में भारतीय युवा लव मैरेज से ज्यादा अरेंज मैरेज में विश्वास रखते हैं. मतलब मोहब्बत सिर्फ सिनेमा तक ही ठीक है, असल जिंदगी में शादी वहीं होती है जहां घरवाले तय करते हैं. ताजा सर्वे में ये बात सामने आई है कि भारतीय परिवारों में 93 फीसदी शादियां अरेंज मैरेज होती है वहीं सिर्फ तीन फीसदी लोग लव मैरेज करते हैं और दो प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं जो लव कम अरेंज मैरेज करते हैं. 1.60 लाख परिवारों के मिले डाटा के आधार पर ये नतीजा निकाला गया है.

डाटा से साफ है कि आज भी भारतीय परिवारों में शादी-विवाह पारिवारिक होती हैं जिसमें परिवार की मर्जी शामिल होती है. सर्वे में एक और बात सामने आई है और वो ये कि 90 फीसदी लोग अपनी कास्ट में शादी करते हैं. यानी अपनी ही जाति में शादी करने का चलन आज भी सबसे ज्यादा है. एक सर्वे की रिपोर्ट कहती है कि 70 हजार लोगों में से सिर्फ दस फीसदी लोगों ने माना कि उनकी शादी दूसरी जाति की लड़की ये लड़के से हुई है.

एक सर्वे ये भी कहता है कि 80 साल पहले भी 100 में से 94 फीसदी शादियां अरेंज मैरेज ही हुआ करती थीं यानी सिर्फ 6 फीसदी लोग लव या लव टू अरेंज मैरेज किया करते थे. डाटा से साफ है कि भारतीय समाज चाहे खुद को कितना भी प्रोग्रेसिव या मॉडर्न मान ले लेकिन शादी विवाह के मामले में आज भी परिवार अपनी ही जाति या अपनी ही बिरादरी की लड़की या लड़के के साथ शादी जैसा संबंध बनाते हैं.

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