कृषि कानून की वापसी पर संजय, मायावती, प्रियंका व राहुल ने मोदी सरकार पर हमला बोला

Nawab Ali, Last updated: Fri, 19th Nov 2021, 12:37 PM IST
  • पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कने बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मायावती व संजय सिंह समेत कई नेताओं ने कृषि कानून को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है. 
तीनों कृषि कानून पर विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. फाइल फोटो

लखनऊ. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने का फैसला लिया है. ओइएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा है कि सरकार इसी महीने के आखिर में संसद सत्र में कानून को रद्द कर देगी. मोदी सरकार के कानून वापसी के ऐलान पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है किमोदी के अन्याय पर किसान आंदोलन की जीत ढेरों बधाई. भारत के अन्नदाता किसानो पर एक साल तक घोर अत्याचार हुआ है. सैंकड़ों किसानो की शहादत हुई. अन्नदाताओं को आतंकवादी कह कर अपमानित किया गया. इस पर मौन क्यों रहे मोदी जी? देश समझ रहा है, चुनाव में हार के डर से तीनो काला कानून वापस हुआ है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अमीरों की भाजपा ने भूमिअधिग्रहण व काले कानूनों से गरीबों-किसानों को ठगना चाहा. कील लगाई, बाल खींचते कार्टून बनाए, जीप चढ़ाई लेकिन सपा की पूर्वांचल की विजय यात्रा के जन समर्थन से डरकर काले-कानून वापस ले ही लिए. भाजपा बताए सैंकड़ों किसानों की मौत के दोषियों को सजा कब मिलेगी.

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कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है. प्रियंका ने लिखा है कि 600 से अधिक किसानों की शहादत. 350 से अधिक दिन का संघर्ष, नरेंद्र मोदी जी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी. आपकी पार्टी के नेताओं ने किसानों का अपमान करते हुए उन्हें आतंकवादी, देशद्रोही, गुंडे, उपद्रवी कहा, आपने खुद आंदोलनजीवी बोला. 

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प्रियंका ने आगे लिखा है कि उनपर लाठियां बरसायीं, उन्हें गिरफ्तार किया.अब चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगी - कि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है और कोई सरकार किसानों के हित को कुचलकर इस देश को नहीं चला सकती आपकी नियत और आपके बदलते हुए रुख़ पर विश्वास करना मुश्किल है. किसान की सदैव जय होगी. जय जवान, जय किसान, जय भारत.

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प्रसपा चीफ शिवपाल यादव ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि आखिर कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ चल रहा अन्नदाताओं का संघर्ष एक मुकम्मल मुकाम पर पहुंचा और इस अहंकारी सरकार को जन आकांक्षा के आगे घुटने टेकने पड़े. यह सुखद है कि लंबे चले संघर्ष के बाद किसानों की जीत हुई.

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि किसानों की कुर्बानी रंग लाई है. 3 कृषि कानूनों को निरस्त करने का निर्णय बहुत पहले हो जाना चाहिए था. फिर भी किसानों की एमएसपी पर कानून की मांग लंबित है. बसपा की मांग है कि आगामी संसद सत्र में केंद्र इस संबंध में (एमएसपी पर) कानून लाए. 

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि देश के किसानों को बधाई। आंदोलन में शहीद सैकड़ो किसानों को नमन! आखिकार क्रूर भाजपा सरकार को किसानों के आगे झुकना ही पड़ा, किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी, निठल्ले, नकली किसान, आंदोलनजीवी कहने वालों की हार हुई, सैकड़ों किसानों की शहादत के बाद चुनावों में हार की डर से कृषि कानून वापस लिया. वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया. अन्याय के खिलाफ़ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!

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