लखनऊ: मुख्य न्यायाधीश बनकर 10 लाख रुपये मांगने वाले रंजन की जमानत अर्जी खारिज

Smart News Team, Last updated: Fri, 25th Sep 2020, 1:11 PM IST
मुख्य न्यायाधीश बनकर 10 लाख रुपये की मांग करने वाले रंजन कुमार मिश्र की जमानत अर्जी को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज( एडीजे) हरेंद्र बहादुर सिंह ने खारिज कर दिया है. इसने जूडिशल ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीटयूट (जेटीआरआई) के अतिरिक्त निदेशक संतोष राय को फोन कर चीफ जस्टिस बन पैसों की मांग की थी. 
लखनऊ: मुख्य न्यायाधीश बनकर 10 लाख रुपये मांगने वाले रंजन की जमानत अर्जी खारिज

लखनऊ. मुख्य न्यायाधीश बनकर 10 लाख रुपये की मांग करने वाले रंजन कुमार मिश्र की जमानत अर्जी को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज( एडीजे) हरेंद्र सिंह ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इसे गंभीर अपराध भी करार दिया . यह भी कहा कि रंजन कुमार पर गैंग के सदस्य होने का भी आरोप है.

सरकारी वकील जेपी सिंह के अनुसार रंजन कुमार झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है. इसने अपने आपको चीफ जस्टिस बताकर लखनऊ में जूडिशल ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीटयूट (जेटीआरआई) के अतिरिक्त निदेशक संतोष राय को फोन किया. उनसे सुजाता का हालचाल पूछते हुए कहा कि क्या वो किसी को जानता है जिसे कि इंटरनेट बैंकिंग आती हो. इस पर संतोष कहते हैं कि हां उनके एक दोस्त जयंत सिंह तोमर को इंटरनेट बैंकिंग के बारे में अच्छी जानकारी है.

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इसके बाद रंजन ने बात कराने को कहा. तोमर ने अपने फोन से मुख्य न्यायाधीश बने रंजन कुमार मिश्र से बात की. इस दौरान उसने कहा कि मुझे मेरे पटना में रह रहे रिश्तेदार के लिए 10 लाख रुपये की जरूरत है. यह पैसे अगले दिन वापस कर दूंगा. जयंत सिंह ने उससे बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी.  इस दौरान वह फोन पर हो रही बातों की रिकार्डिंग कर रहा था. संतोष राय के दोस्त जयंत को शुरू से  ही उस पर शक था. इसकी जानकारी उसने तुरंत हाईकोर्ट के सीनियर रजिस्ट्रार मानवेंद्र सिंह को दे दी और उन्होंने इसके बारे में डीजीपी को बता दिया था.

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बता दें कि इस मामले की शिकायत 16, अगस्त 2019 को थाने गोमतीनगर में दर्ज हुई थी.  रंजन कुमार को 22 जून, 2020  को जमेशदपुर के थाना परसुडीह इलाके से गिरफ्तार कर इसका मामले का खुलासा किया गया था.

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