बच्ची के साथ दुष्कर्म के सात वर्ष बाद आरोपी को मौत की सजा, पॉक्सो कोर्ट का फैसला

Smart News Team, Last updated: 24/10/2020 07:42 PM IST
  • यूपी के रायबरेली जिले में डेढ़ साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और क्रूरता से हत्या के एक मामले में लंबी लड़ाई और कानूनी जिरह के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सका है. मामले में स्थानीय पॉक्सो कोर्ट ने दोषी के लिए मौत की सजा सुनाई. घटना छह साल पहले 2014 की है. इस फैसले पर पीड़ित पक्ष ने खुशी जताई है.
बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को मिली मौत की सजा

लखनऊ.राजधानी लखनऊ से सटे रायबरेली जिले में छह साल पहले हुई एक क्रूरतम घटना में आरोपी को स्थानीय पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई है. लंबी लड़ाई और कानूनी मशक्कत के बाद सजा सुनाए जाने से पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है और न्यायपालिका पर भरोसा बढ़ा है, वहीं दोषी पक्ष तथा अपराधियों के मन में कानून का भय भी लगा है.

मामला 2014 का है. उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के कोतवाली क्षेत्र सलोन में आरोपी जितेंद्र सिंह ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची को पकड़कर अपने ट्यूबवेल के पास ले गया और उसके साथ क्रूरता की हद करते हुए दुष्कर्म किया. बाद में आरोपी ने उसकी हत्या भी करके लाश भी छिपा दी. मामले का पता चलने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा और पूछताछ शुरू की तो वह घटना से इंकार करने लगा. पुलिस के कड़ाई करने के बाद उसने दुष्कर्म और हत्या की बात स्वीकार की. बाद में आरोपी ने बच्ची की लाश भी पुलिस को बरामद करा दी. मामले में पुलिस ने कई धाराओं में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया.

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जनपद के दीवानी न्यायालय के विशेष पॉक्सो न्यायाधीश विजयपाल ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई. मामले में कोर्ट में छह साल तक लंबी जिरह और गवाहियां चलीं. इस दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक वेदपाल सिंह ने कोर्ट में बहस की. 

दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड में आरोपियों को साढ़े सात साल बाद मार्च 2020 में फांसी हुई थी. उस घटना में 21 वर्षीय युवती के साथ पांच दरिंदों ने चलती बस पर क्रूरता से दुष्कर्म किया था. जाड़े की उस रात में हुई कायरतापूर्ण औ नृशंस घटना ने देश को झकझोर दिया था. उस मामले में भी पीड़ित पक्ष के लंबी लड़ाई लड़ने के बाद करीब साढ़े सात साल बाद सभी आरोपियों को फांसी हो सकी थी. दोषियों को कड़ी सजा मिलने से पीड़ित पक्ष का न्यायपालिका पर भरोसा बढ़ा है. 

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