चिलमजीवी बयान पर फंसे अखिलेश, संत समाज ने कहा माफी मांगे SP प्रमुख नहीं तो...

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 18th Nov 2021, 7:33 PM IST
  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चिलमजीवी वाले बयान पर अब संत समाज ने आपत्ति जताते हुए तत्काल माफी मांगने की मांग की है. संत समाज का कहना है कि अखिलेश का ये बयान संत समाज का अपमान है और यदि अखिलेश ने माफी न मांगी तो पूरा संत समाज यूपी चुनाव में घर घर जाकर सपा के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगा.
चिलमजीवी बयान पर फंसे अखिलेश, संत समाज ने कहा माफी मांगे SP प्रमुख नहीं तो...

लखनऊ. समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव की जिन्ना के बाद अब चिलमजीवी बयान को लेकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सपा प्रमुख की गाजीपुर सभा में बिना नाम लिए योगी आदित्यनाथ के लिए चिलमजीवी शब्द का उपयोग करने को लेकर संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है. संत समाज में अखिलेश से इस बयान पर माफी मांगने की मांग की है. अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि यदि अखिलेश माफी नहीं मांगते हैं तो संत समाज पूरे प्रदेश में घर-घर जाकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे.

बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार को यूपी चुनाव को लेकर निकाली विजय रथ यात्रा लेकर गाजीपुर पहुंचे थे. इस दौरान अखिलेश ने कहा कि इस जगह पर लाल, नीला, हरा और पीला रंग है. हर तरफ इंद्रधनुष दिख रहा है. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि एक रंग वाले चिलमजीवी कभी उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर नहीं ले जा सकते हैं.

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ओछी राजनीति में हमें न घसीटें नहीं तो भुगतना पड़ेगा दुष्परिणाम

अखिलेश यादव को चेतावनी भरे लहजे में जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि ऐसे नेता जो भी लगातार सनातन धर्म, भगवा और संतों पर अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं, उनको बता दूं कि वो अपनी ओछी राजनीति में हमें न घसीटें. वरना संत समाज का जनआक्रोश दुष्परिणाम के तौर पर भुगतना पड़ेगा. अखिलेश यादव व उनकी पार्टी के नेता संत समाज का अपमान करने को लेकर अविलंब क्षमा मांगें. यदि ये क्षमा नहीं मांगते हैं तो संत समाज सक्रिय तौर पर देश में हर घर जाकर इनके खिलाफ जन समर्थन की अपील करेगा.

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संत को राजनीति का शिकार बनाने का किसी को नहीं अधिकार

जितेंद्रानंद ने कहा कि यदि कोई संत संविधान के अधिकार से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर असीन हुआ है तो किसी को अधिकार नहीं मिल जाता कि उन्हें राजनीति का शिकार बनाया जाए. योगी आदित्यनाथ विश्वभर में एक पूजनीय व सम्मानित मठ के पीठाधीश्वर हैं. सनातम धर्मी हिंदुओं और परंपराओं के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

 

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